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MLC Election Results 2026: चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों में एनडीए का दबदबा, कांग्रेस के हाथ लगी निराशा तो बीजेपी ने कसा शिकंजा

नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक तीखा तंज कसते हुए आम जनता से यह अनुमान लगाने को कहा है कि हालिया विधान परिषद (MLC) चुनावों के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने कुल कितनी सीटों पर जीत हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने इस संदेश में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया कि ये तमाम चुनाव पूरी तरह से बैलेट पेपर (मतपत्र) के माध्यम से संपन्न कराए गए थे। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी देश के चार प्रमुख राज्यों में हुई 28 एमएलसी सीटों के चुनावी परिणामों के संदर्भ में सामने आई है, और उन्होंने अपनी इस सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में एक ‘स्माइली’ इमोजी भी साझा किया है।

बैलेट पेपर की मांग करने वाली कांग्रेस पर साधा गया निशाना, 1 नवंबर को होनी है मेगा-रैली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस राजनीतिक कटाक्ष को मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी की उस पुरानी और लगातार उठाई जा रही मांग से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें वे देश में चुनावी प्रक्रिया के तहत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को हटाकर फिर से बैलेट पेपर के इस्तेमाल की पुरजोर वकालत करते रहे हैं। कांग्रेस पार्टी लगातार केंद्र की एनडीए सरकार और निर्वाचन आयोग पर चुनावी व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए तीखे सवाल पूछती रही है। स्थिति यहां तक पहुंच चुकी है कि विपक्षी दलों ने “वोट चोरी” जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर देशव्यापी स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की रूपरेखा भी तैयार की है। इसी कड़ी में, कांग्रेस के आह्वान पर ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन आगामी 1 नवंबर, 2026 को देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ के नारे के साथ एक विशाल मेगा-रैली का आयोजन करने जा रहा है। हालांकि, इन ताजा और चौंकाने वाले चुनावी परिणामों ने एक बार फिर से विपक्षी खेमे को रक्षात्मक मुद्रा यानी बैकफुट पर धकेल दिया है।

एमएलसी चुनावों के अब तक के रुझान और नतीजे, एनडीए की मजबूत बढ़त

विभिन्न राज्यों में एमएलसी की कुल 28 सीटों के लिए जारी मतगणना के बीच प्रधानमंत्री का यह बयान सामने आया है। शुरुआती और अब तक के रुझानों के अनुसार, एनडीए (NDA) गठबंधन ने 15 सीटों पर अपनी मजबूत बढ़त बना रखी है, जबकि विपक्षी कांग्रेस पार्टी फिलहाल किसी भी सीट पर आगे नजर नहीं आ रही है। अगर बात बिहार की करें, तो वहां चार मौजूदा एमएलसी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है, जिनमें पांच बार से लगातार जीत दर्ज करने वाले बीजेपी के दिग्गज नेता नवल किशोर यादव का नाम भी शामिल है। इसके अलावा, प्रशांत किशोर के राजनीतिक दल ‘जन सुराज’ ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से शानदार जीत हासिल कर विधान परिषद में अपना खाता खोल लिया है।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का मजबूत प्रदर्शन, कर्नाटक में बीजेपी-जेडीएस गठबंधन की जीत

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक पटल पर नजर डालें तो वहां भारतीय जनता पार्टी ने 5 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की है, जबकि प्रतिष्ठित वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम समाजवादी पार्टी (SP) के खाते में गया है। दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक की बात करें तो वहां एनडीए के घटक दल यानी बीजेपी और जेडीएस (JD-S) के संयुक्त गठबंधन ने सभी चारों सीटों पर कब्जा जमा लिया है, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस पार्टी को वहां अपनी एक सीट गंवानी पड़ी है। इसके साथ ही, पश्चिम भारत के राज्य महाराष्ट्र में भी 5 सीटों के लिए मतों की गिनती का दौर लगातार जारी है।

एक बार फिर देश में तेज हुई बैलेट पेपर बनाम ईवीएम की राजनीतिक बहस

इन तमाम विधान परिषद चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद देश भर में एक बार फिर से बैलेट पेपर बनाम ईवीएम को लेकर राजनीतिक और वैचारिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस पार्टी के इन चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन का हवाला देते हुए बीजेपी के प्रमुख नेताओं ने कड़ा सवाल उठाया है कि जब ये तमाम चुनाव विपक्षी दलों की मांग के अनुरूप खुद बैलेट पेपर के जरिए ही कराए गए थे, तब भी कांग्रेस पार्टी जीत दर्ज क्यों नहीं कर पाई? दूसरी तरफ, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक बार फिर बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी इन परिणामों की गहन समीक्षा करेगी और उसके आधार पर अपनी भविष्य की राजनीतिक रणनीति तय करेगी।