Kanker News: कांकेर के बांसला गांव में स्थायी धान उपार्जन केंद्र खोलने की मांग, किसानों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बांसला में एक नया और स्थायी धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाने की मांग को लेकर स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। अपनी इस मांग के समर्थन में किसानों ने जिला प्रशासन को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा है। किसानों का मुख्य रूप से यह कहना है कि इलाके में पक्का उपार्जन केंद्र न होने की वजह से आसपास की करीब तीन प्रमुख ग्राम पंचायतों के लगभग एक हजार किसानों को अपनी मेहनत की उपज बेचने के लिए हर साल 10 से 15 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। किसानों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि आगामी धान खरीदी का सीजन शुरू होने से ठीक पहले बांसला में हर हाल में एक स्थायी उपार्जन केंद्र खोला जाए।
एडीएम को सौंपा गया ज्ञापन, वैकल्पिक व्यवस्था के बाद भी स्थायी केंद्र की दरकार
समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीदी का सत्र नजदीक आते ही क्षेत्र के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज तेज कर दी है। इसी सिलसिले में कांकेर जिले के ग्राम बांसला के किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों के मुताबिक, पूर्व के वर्षों में प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत यहां अस्थायी रूप से धान खरीदी केंद्र संचालित किया गया था, लेकिन स्थायी केंद्र स्थापित करने की उनकी पुरानी मांग अब तक लंबित पड़ी है। ऐसी स्थिति में इस बार भी धान कटाई के सीजन में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ने की पूरी आशंका सता रही है।
परिवहन के अतिरिक्त खर्च और समय की बर्बादी से जूझ रहे हैं अन्नदाता
अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए स्थानीय किसान रविंद्र कुमार कडियाम ने बताया कि उन्हें अपनी धान की फसल को बेचने के लिए हर बार 10 से 15 किलोमीटर दूर स्थित अन्य उपार्जन केंद्रों तक भारी-भरकम वाहनों से ढुलाई कर पहुंचना पड़ता है। इस लंबी दूरी की वजह से उन्हें परिवहन पर अपनी जेब से अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है और उनका कीमती समय भी बर्बाद होता है। धान कटाई और बिक्री के मुख्य सीजन के दौरान यह समस्या और भी ज्यादा विकट रूप धारण कर लेती है, जिससे किसानों को भारी मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ती है।
सीजन नजदीक होने के कारण किसानों ने जल्द फैसला लेने की की अपील
धान खरीदी का नया सीजन अब बिल्कुल करीब आ चुका है, इसलिए किसानों ने प्रशासन से इस मामले में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लिए जाने की पुरजोर मांग की है। किसानों का दो टूक कहना है कि यदि समय रहते ग्राम बांसला में नया उपार्जन केंद्र नहीं खोला गया, तो एक बार फिर से क्षेत्र के लगभग एक हजार किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी और कष्टदायक दूरियां तय करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
एडीएम भागवत प्रसाद जायसवाल ने दिया मामले पर प्रतिक्रिया और आश्वासन
किसानों के इस ज्ञापन और उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी देते हुए एडीएम भागवत प्रसाद जायसवाल ने बताया कि हाल ही में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कुल 40 अलग-अलग आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें ग्राम पंचायत बांसला के किसानों द्वारा नया धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग से जुड़ा आवेदन भी शामिल है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि किसानों की इस मांग और आवेदन को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा ताकि इस पर नियमानुसार उचित विचार किया जा सके।
प्रशासन के फैसले पर टिकी अन्नदाताओं की निगाहें
क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन से यह उम्मीद जताई है कि उनकी इस व्यावहारिक और गंभीर समस्या को पूरी गंभीरता से समझा जाएगा और ग्राम बांसला में एक स्थायी धान उपार्जन केंद्र खोलने की स्वीकृति जल्द से जल्द प्रदान की जाएगी। इस कदम से न केवल किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि वे अपनी गाढ़ी कमाई की उपज को बिना किसी परेशानी के स्थानीय स्तर पर ही आसानी से बेच सकेंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन किसानों की इस न्यायसंगत मांग पर कब तक कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय लेता है।