मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने दिए आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश, सोसाइटी के माध्यम से होगा संचालन
उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में विकसित करने के लिए इसके सम्पूर्ण कायाकल्प की जरूरत पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र और बेहतर आवासीय सुविधाओं से युक्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए. इसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना तैयार करते हुए शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों के संचालन में व्यापक सुधार किए जाने की आवश्यकता है.
🏛️ सोसाइटी के माध्यम से होगा संचालन, लीगल फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया है. उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति के गठन की व्यवस्था की जाए. साथ ही, सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए एक सुदृढ़ लीगल फ्रेमवर्क (कानूनी ढांचा) तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि विद्यालयों के प्रभावी संचालन, उत्तरदायित्व के निर्धारण और नियमित निगरानी में पूरी सहायता मिल सके.
👨🏫 नियमित और समर्पित शिक्षकों की होगी व्यवस्था, शोध पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्य सचिव ने विद्यालयों में नियमित एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ स्थायी प्रधानाचार्यों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है. उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुरूप योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता होनी चाहिए. शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अर्हताओं के साथ-साथ उच्च शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण कार्य किसी भीप्रकार से प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक एवं अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और कार्मिक ढांचे को मजबूत किया जाए.
🎯 समयबद्ध होगी प्रवेश प्रक्रिया, शिक्षा के साथ खेलकूद और चिकित्सा सुविधाओं का भी रखा जाएगा विशेष ध्यान
प्रवेश प्रक्रिया को लेकर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया का समयबद्ध निर्धारण किया जाए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ होने से कम से कम एक माह पूर्व विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित हो जाएं. इसके अलावा, विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य पाठ्य-सहगामी गतिविधियों के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाने पर बल दिया गया. विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए आपातकालीन चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए वाहन की व्यवस्था सहित सभी जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. इस उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा सचिव ज्योति यादव, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय एवं महानिदेशक आकांक्षा कोंडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.