Raipur WRS Colony Dussehra: रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में जला 50 फीट का रावण, सीएम विष्णुदेव साय ने चलाया तीर-धनुष
रायपुर: राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में विजयादशमी का पावन पर्व बेहद धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया. इस भव्य अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच पर तीर-धनुष चलाया, जिसके बाद मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन किया गया. रावण दहन के दौरान की गई जोरदार आतिशबाजी इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रही. चहुंओर रंग-बिरंगी रोशनी, प्रभु श्रीराम के गगनभेदी जयकारों और हजारों की संख्या में मौजूद नागरिकों की उपस्थिति से पूरा मैदान एक उत्सवी माहौल में डूबा नजर आया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय के साथ-साथ सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मार्ग पर सदैव अडिग रहने की प्रेरणा देता है.
🏛️ पांच दशकों से चली आ रही परंपरा, सीएम साय बोले— सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलना ही जीवन का उद्देश्य
राजधानी के डब्ल्यूआरएस मैदान में विजयादशमी उत्सव मनाने की यह गौरवशाली परंपरा पांच दशकों से भी अधिक समय से चली आ रही है. हर वर्ष होने वाला यह रावण दहन अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की शाश्वत विजय का संदेश देता है, जो हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विजयादशमी केवल बुराई के अंत का उत्सव नहीं है, बल्कि प्रभु श्रीराम का जीवन हमें यह सिखाता है कि सत्य का मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो, अंत में जीत सत्य की ही होती है. उन्होंने कहा कि जीवन में जब भी सही और गलत में से चुनने का अवसर आए, तो हमेशा सत्य और न्याय के पक्ष में खड़ा होना चाहिए, क्योंकि व्यक्ति किसके साथ खड़ा होता है, यही उसके संस्कारों की वास्तविक पहचान है.
🎯 छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से है गहरा आत्मीय नाता, बाहुबल से बड़ी होती है सत्य और धर्म की शक्ति
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़वासियों के लिए विजयादशमी का पर्व विशेष महत्व रखता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है. वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ छत्तीसगढ़ के वनांचलों में लंबा समय बिताया था, जिसके कारण वे यहां की लोकआस्था और संस्कृति में रचे-बसे हैं. उन्होंने रावण और श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण के पास अपार सैन्य शक्ति और महाबली योद्धाओं की फौज थी, जबकि श्रीराम वनवासी जीवन व्यतीत कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद सत्य, धर्म और सामूहिक पुरुषार्थ की शक्ति ने अधर्म पर विजय प्राप्त की. सीएम ने कहा कि रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन हमें यही संदेश देता है कि असत्य कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, परिणाम भुगतना ही पड़ता है.
🇮🇳 ऑपरेशन सिंदूर और श्रीरामलला दर्शन योजना का उल्लेख, समृद्ध और शांतिपूर्ण छत्तीसगढ़ बनाने का आह्वान
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर सहित प्रदेश के हर क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास स्थापित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की ‘श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के तहत अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी से सत्य, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलकर एक समरस, सुरक्षित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया. इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.