Ranchi PPK College NCC News: रांची के पीपीके कॉलेज में निलंबित एनसीसी यूनिट को बहाल कराने की मांग तेज, राज्यपाल से मिले देवेंद्र नाथ महतो
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के बुंडू स्थित पंच परगना किसान कॉलेज (पीपीके कॉलेज) में निलंबित एनसीसी यूनिट को दोबारा चालू कराने की मांग अब काफी तेज हो गई है. एनसीसी कैडेट्स और पूर्व कैडेट्स ने जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर छात्रों के भविष्य और उनके उज्ज्वल हितों का हवाला देते हुए एनसीसी यूनिट का निलंबन जल्द समाप्त कराने के लिए विशेष हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है. देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को बेहद गंभीरता से सुना और इस समस्या के त्वरित समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन से पत्राचार करने का पूरा भरोसा दिलाया है.
⏳ 41 साल से संचालित थी एनसीसी यूनिट, 16 अप्रैल 2026 से निलंबन के बाद ग्रामीण छात्रों के सामने संकट
देवेंद्र कुमार महतो ने जानकारी देते हुए बताया कि पीपीके कॉलेज पंचपरगना क्षेत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण डिग्री कॉलेज है, जहाँ पिछले 41 वर्षों से एनसीसी यूनिट सुचारू रूप से संचालित हो रही थी, जिसका लाभ अब तक हजारों छात्र उठा चुके हैं. लेकिन गत 16 अप्रैल 2026 से कॉलेज की 7/3 एनसीसी कंपनी को निलंबित कर दिया गया है, जिससे बुंडू, तमाड़, राहे, सोनाहातू और सिल्ली समेत आसपास के तमाम ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने एनसीसी यूनिट के इस निलंबन के लिए विश्वविद्यालय की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि ग्रामीण, किसान और मजदूर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए एनसीसी प्रशिक्षण, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण माध्यम है, और ऐसे में यूनिट का निलंबन सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य और उनके अवसरों को प्रभावित कर रहा है.
👮 17 वर्षों से एएनओ की अनुपलब्धता बनी मुख्य वजह, कैडेट्स ने कैंप में जीते स्वर्ण और रजत पदक
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में एनसीसी यूनिट के निलंबन के पीछे के कारणों का भी खुलकर उल्लेख किया गया है. ज्ञापन के अनुसार, 3 झारखंड बटालियन एनसीसी, रांची की तरफ से कॉलेज को मिले नोटिसों में निलंबन का मुख्य कारण पिछले 17 वर्षों से महाविद्यालय में एएनओ (एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर) की अनुपलब्धता बताया गया है. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पूर्व सीटीओ सबरन सिंह मुंडा ने एएनओ के रूप में उन्नयन के लिए आवश्यक पीआरसीएन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भाग नहीं लिया, जिसके कारण एनसीसी यूनिट के संचालन में तकनीकी कठिनाइयां आईं. हालांकि, इन तमाम चुनौतियों के बावजूद कॉलेज के कैडेट्स ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है; हाल ही में आयोजित CATC-XXI कैंप में कॉलेज के कैडेट्स ने फायरिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक और पायलटिंग में रजत पदक हासिल कर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है.
🤝 प्राचार्या के तमाम प्रयासों के बावजूद नहीं बहाल हुई यूनिट, चेतावनी— मांग पूरी न होने पर होगा आंदोलन
ज्ञापन में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. बिनीता कुमारी की ओर से एनसीसी यूनिट को बहाल करवाने के लिए किए गए अथक प्रयासों का भी विशेष जिक्र किया गया है. इसके मुताबिक, प्राचार्या ने 3 झारखंड बटालियन एनसीसी, रांची के कमांडिंग ऑफिसर के साथ करीब पाँच महत्वपूर्ण बैठकें की हैं और रांची स्थित एनसीसी ग्रुप कार्यालय में ग्रुप कमांडर से भी मुलाकात की है. नव नियुक्त सीटीओ कल्याण राय के साथ मिलकर आगामी एएनओ/पीआरसीएन प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आवश्यक आश्वासन प्रमाणपत्र, स्पेयरेनेस प्रमाणपत्र और इच्छुकता प्रमाणपत्र भी विभाग को सौंपे जा चुके हैं, इसके बावजूद अब तक यूनिट का निलंबन समाप्त नहीं किया गया है. अंत में देवेंद्र नाथ महतो ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी करते हुए एनसीसी यूनिट जल्द बहाल नहीं की गई, तो उनकी ओर से जोरदार चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा.