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Faridabad DJ Operators Protest: शादियों में डीजे बैन के खिलाफ उतरे डीजे संचालक, महापंचायत में रखी रोजी-रोटी बचाने की मांग

फरीदाबाद: शादी-विवाह में फिजूलखर्ची और सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए हो रही महापंचायतों के बीच अब डीजे संचालक भी विरोध में उतर आए हैं. डीजे संचालकों का कहना है कि शादी-विवाह में डीजे बजाने पर रोक लगाने के फैसले से उनकी रोजी-रोटी पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा. इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में डीजे संचालक पिंगाँव में आयोजित महापंचायत में पहुंचे और अपना पक्ष मजबूती से रखा.

📉 रोजगार पर संकट: एक डीजे से जुड़े होते हैं कई परिवार, सिर्फ डीजे बैन करना उचित नहीं

डीजे संचालकों का कहना है कि समाज में कई दूसरी कुरीतियां भी हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है, लेकिन केवल डीजे पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है. उनका तर्क है कि एक डीजे के काम से करीब पांच लोग सीधे तौर पर जुड़े होते हैं और उनके परिवारों की आजीविका इसी काम पर निर्भर करती है. ऐसे में डीजे बंद होने से कई गरीब परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है. संचालकों ने मांग की कि यदि साउंड सिस्टम पर रोक लगाने का कोई फैसला लिया जाता है, तो यह नियम सभी तरह के साउंड सिस्टम पर समान रूप से लागू होना चाहिए, न कि केवल डीजे संचालकों को निशाना बनाया जाए.

🤝 समाज का हिस्सा हैं डीजे संचालक, फैसला लेने से पहले रोजी-रोटी पर हो विचार

डीजे संचालकों का कहना है कि वे भी उसी समाज का अहम हिस्सा हैं, जिसके लोग महापंचायतों में शामिल होकर सामाजिक सुधार की बात कर रहे हैं. इसलिए कोई भी कड़ा फैसला लेने से पहले उन परिवारों की रोजी-रोटी के बारे में भी जरूर विचार किया जाना चाहिए, जिनका पूरा गुजारा डीजे के कारोबार से चलता है. अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि डीजे संचालकों की इस न्यायसंगत मांग पर आगे होने वाली महापंचायतें क्या रुख अपनाती हैं और सामाजिक सुधार के साथ-साथ रोजगार बचाने के इस गंभीर मुद्दे पर क्या सहमति बनती है.