ब्रेकिंग
Dhamanheri Youth Death in UK: बेहतर भविष्य के सपने लेकर इंग्लैंड गए 20 वर्षीय कंवलजीत की अचानक मौत Rewari Food Poisoning News: रेवाड़ी में कन्या पूजन का प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी, द... Kurukshetra Police Encounter: कुरुक्षेत्र में पुलिस और नशा तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, 40 लाख का... Tiger Shroff Firing Case: मात्र 34 हजार रुपए में ली गई थी टाइगर की सुपारी, कोटा से गिरफ्तार हुए तीनो... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल, 28 IPS-HPS अधिकारियों के तबादले Neeraj Kumar Health Update: JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार को पड़ा दिल का दौरा, पटना के मेदांता अस्पता... Jharkhand Drugs Syndicate: झारखंड में NCB का बड़ा एक्शन, रांची और जमशेदपुर से मास्टरमाइंड जिम्मी समे... Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ... Stock Market Holiday Today: विजयादशमी पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें कब होगी नॉर्मल ट्रेडिंग और क... Karnataka Crime News: कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंध के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, पत्नी ने ...

Gariyaband Mahapanchayat News: गरियाबंद के कोकड़ी गांव में 128 गांवों के ग्रामीणों की महापंचायत, विस्थापन और हाईवे जाम का कड़ा विरोध

गरियाबंद: गरियाबंद के कोकड़ी गांव में उदंती सीतानदी अभयारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 128 गांवों के ग्रामीणों ने एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया. ये सभी ग्रामीण विस्थापन समेत 11 घंटे तक नेशनल हाईवे को बंद रखने के फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं. ‘जल-जंगल-जमीन बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले आयोजित इस महापंचायत में ग्रामीणों ने शाम से लेकर सुबह सात बजे तक नेशनल हाईवे पर आवागमन अवरुद्ध रखने के अपने फैसले पर खुलकर बात रखी. इस महत्वपूर्ण महापंचायत में बिंद्रा नवागढ़ के विधायक जनकलाल ध्रुव और सिहावा क्षेत्र की विधायक अंबिका मरकाम विशेष रूप से उपस्थित रहीं.

⚖️ आदिवासी क्षेत्रों में विकास न होने का आरोप, पेसा एक्ट के उल्लंघन पर जताई कड़ी नाराजगी

इस दौरान जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी नीतियों से पूरी तरह अवगत कराए बिना लोगों से विस्थापन के लिए सहमति ली जा रही है. अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा (PESA) एक्ट के स्पष्ट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सर्वव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की बात कही गई. इसके साथ ही, अभयारण्य क्षेत्र के गांवों में लंबे समय से अपेक्षित विकास कार्यों के न होने को लेकर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की गई. महापंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि यहां पारित प्रस्ताव को संसद, विधानसभा और जिला पंचायत के पटल पर रखा जाएगा और उसका अनुपालन कराया जाएगा. इस महापंचायत में दोनों विधायकों के अलावा कई अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि और प्रमुख सामाजिक पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे.