बालोद: छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले में बीते 5 अक्तूबर को एक युवती पर हुए सनसनीखेज एसिड अटैक की घटना के मामले में अब दुर्ग कनेक्शन सामने आया है। दुर्ग पुलिस ने एसिड अटैक के तार दुर्ग से जुड़ने के बाद अपनी जाँच बेहद तेज कर दी है। पुलिस की शुरुआती जाँच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि इस वारदात के लिए इस्तेमाल किया गया तेजाब दुर्ग स्थित ‘भिलाई साइंटिफिक’ दुकान से खरीदा गया था। इसी दुकान से अभियुक्तों को एसिड की आपूर्ति की गई थी, जिसके बाद से प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं।
👮 बालोद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को किया गिरफ्तार
बालोद पुलिस ने इस गंभीर एसिड अटैक केस में तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद, अब दुर्ग पुलिस ने भी तेजाब सप्लाई करने वाले दुकानदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले की हर एंगल से बारीकी से जाँच कर रही है और दोनों आरोपियों द्वारा तेजाब की खरीद-फरोख्त से जुड़े तमाम तथ्यों को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि इस षड्यंत्र में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
🔍 दुर्ग पुलिस की जाँच में खुलासा: बिना दस्तावेज और रिकॉर्ड के बेचा गया तेजाब
दुर्ग पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बालोद पुलिस की सूचना पर जब जाँच की गई तो यह स्पष्ट हुआ कि तेजाब भिलाई साइंटिफिक प्रोडक्ट दुकान से ही खरीदा गया था। इसके आधार पर पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने दुकान संचालक शोभराज यदु के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से एसिड बेचने का मामला दर्ज कर लिया है।
इस संबंध में दुर्ग के एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि, “पुलिस इस बात की गंभीरता से पड़ताल कर रही है कि तेजाब की बिक्री के दौरान किन नियमों का पालन किया जाना चाहिए था। जाँच में यह बात सामने आई है कि ग्राहक की पहचान से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज नहीं लिए गए और न ही बिक्री का अनिवार्य रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया गया था।” पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि क्या दुकान संचालक के पास तेजाब बेचने का वैध लाइसेंस था या नहीं और तय गाइडलाइंस का पालन क्यों नहीं किया गया।