Rahul Gandhi Relief: मानहानि मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 2018 के एक आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र के ट्रायल कोर्ट में इस मामले से जुड़ी आगे की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और मामले के शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें इस मानहानि केस को रद्द करने की मांग की गई थी।
🎯 क्या है पूरा मामला? ‘कमांडर-इन-थीफ’ टिप्पणी से जुड़ा विवाद
यह पूरा कानूनी विवाद वर्ष 2018 में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राहुल गांधी द्वारा की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ा है।
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सोशल मीडिया पोस्ट: राहुल गांधी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘कमांडर-इन-थीफ’ और ‘चोरों के सरदार’ जैसी टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया था।
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शिकायत: बीजेपी नेता महेश श्रीश्रीमल ने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र के गिरगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि यह टिप्पणी देश के प्रधानमंत्री, सत्ताधारी पार्टी और उसके सदस्यों की छवि को धूमिल करने के इरादे से की गई थी।
🏛️ सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी के वकीलों की दलील
बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा 8 सितंबर को याचिका खारिज किए जाने के बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
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वकीलों का पक्ष: राहुल गांधी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि यह शिकायत कानून के मुताबिक टिकने योग्य (मेंटेनेबल) नहीं है, क्योंकि अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने किसी भी राजनीतिक पार्टी या बीजेपी का प्रत्यक्ष नाम नहीं लिया था।
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अदालत का अगला कदम: सुप्रीम कोर्ट अब बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश की वैधता की जांच करने के लिए भी सहमत हो गया है, जिसमें केस को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से फिलहाल राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत मिली है।