ब्रेकिंग
Jharkhand Mishap News: छत्तीसगढ़ से जमशेदपुर जा रहे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, हाटगम्हरिया में द... Jharkhand Navratri Special: बिना चंदा उगही के सदियों से हो रही है यहां दुर्गा पूजा, तांत्रिक विधि से... CJP Leaders Detained by Delhi Police: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के प्रयास में सौरव दास और आशुतोष रांका स... Delhi Electric Buses: दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, 150 नई इलेक्ट्रिक बसें और 13 नए मॉनिटरि... Bihar Flood News: छपरा में बाढ़ का पानी उतरने के बाद नई मुसीबत, मलबे और महामारियों के साए में जीने क... Moradabad Crime News: मुरादाबाद में दिव्यांग व्यक्ति की घर के अंदर निर्ममता से हत्या, खून से लथपथ मि... Delhi Police Social Media Crackdown: अफवाह फैलाने वाले 500 से ज्यादा पोस्ट डिलीट, 4 एफआईआर दर्ज और 1... Jammu and Kashmir Waqf Board Controversy: वक्फ बोर्ड के जुमे के खुतबे वाले प्रस्ताव पर छिड़ा विवाद, ... Atiq Ahmed Land Chakia Prayagraj: माफिया अतीक अहमद के कब्जे वाली जमीन पर बनेगी पद्मलोक आवासीय योजना,... Rahul Gandhi and Abhijit Dipke Appeal: इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण न्यास की अपील, त्योहारों के सीजन में द...

Chhattisgarh Liquor Scam: ईडी का बड़ा दावा, शराब घोटाले के 860-880 करोड़ रुपये कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचाए गए

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए कथित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा और गंभीर दावा किया है। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, इस कथित घोटाले से प्राप्त लगभग 860 से 880 करोड़ रुपये की अवैध रकम रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के कार्यालय ‘राजीव भवन’ तक पहुंचाई गई थी। ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि आबकारी विभाग और सीएसएमसीएल (CSMCL) को नियंत्रित करने वाले शराब सिंडिकेट ने 2019 से 2023 के बीच अवैध कमीशन, नकली होलोग्राम और विदेशी शराब के लाइसेंस के जरिए 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की आपराधिक आय अर्जित की थी।

💰 राजीव भवन तक ऐसे पहुँचती थी नकदी: लेखाकार देवेंद्र डडसेना को सौंपी जाती थी रकम

ईडी की जांच के मुताबिक, इस गिरोह द्वारा जुटाई गई नकदी का एक बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल द्वारा संभाला जाता था और फिर इसे कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के निर्देशों पर रायपुर के शंकर नगर स्थित राजीव भवन में पहुंचाया जाता था। एजेंसी का आरोप है कि इस नकदी को सिंडिकेट से जुड़े लोगों द्वारा ले जाया जाता था और वहां रामगोपाल अग्रवाल के अधीन काम करने वाले लेखाकार देवेंद्र डडसेना को सौंपा जाता था। लगभग 72 करोड़ रुपये सीधे अग्रवाल के नियंत्रण में रहे, जिनका उपयोग उनके निर्देशों के तहत किया गया। डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों से इस पूरे वितरण तंत्र की पुष्टि हुई है।

🏛️ अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी और 610 करोड़ की संपत्ति जब्त: रामगोपाल अग्रवाल के दो फ्लैट कुर्क

इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी अब तक सात अभियोग (आरोपपत्र) दायर कर चुकी है और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा तथा अनवर व एजाज ढेबर समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस पूरी जांच के दौरान अब तक 610 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसी कड़ी में, ईडी ने 9 अक्टूबर को विशेष पीएमएलए अदालत में रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ एक नया पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है, और रायपुर के अनुपम नगर तथा कटोरा तालाब इलाकों में स्थित उनके 9.06 करोड़ रुपये मूल्य के दो फ्लैटों को भी अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। अग्रवाल वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।