ब्रेकिंग
Barwadda Dhanbad News: कार की टक्कर से महिला की दर्दनाक मौत, मुआवजे की मांग को लेकर चार घंटे तक लगा ... Ranchi IIIT News: छात्र आदित्य की मौत के बाद ट्रिपल आईटी में उग्र प्रदर्शन, निदेशक के इस्तीफे की मां... Chhattisgarh Governance: धमतरी जिला प्रशासन की पहल, शिविर में जरूरतमंदों को मिले कृत्रिम अंग और उपकर... Bhilai Municipal Council Politics: भिलाई में सत्ता की जंग, 70 वार्डों में जीत के लिए बीजेपी-कांग्रेस... Madhya Pradesh Tragedy: तीन महीनों में एक ही घर से उठीं 3 अर्थियां, युवक को जिंदा जलाने के मामले में... Shivraj Singh Chouhan Update: कोसमी गांव में प्रशासनिक कार्रवाई पर कृषि मंत्री ने जताई नाराजगी, नए घ... Madhya Pradesh Update: जबलपुर में प्रेम विवाह का खौफनाक अंत, मामूली कहासुनी में पत्नी ने उतारा मौत क... Pimpri Chinchwad News: निगड़ी के शिव मंदिर में नाबालिग से दरिंदगी की कोशिश, मेट्रो निर्माण का आरोपी ... MPSC Protest Ends: महाराष्ट्र में MPSC अभ्यर्थियों का 10 दिन बाद खत्म हुआ आंदोलन, न्यायिक जांच समिति... Yogi Adityanath News: सीएम योगी का कांग्रेस पर बड़ा हमला, कहा- देश में अराजकता का पर्याय बन चुकी है ...

Bastar Dussehra News: जगदलपुर के संस्थापक जगतू माहरा को बस्तर दशहरे में नहीं मिल रहा सम्मान, माहरा समाज में आक्रोश

विश्व प्रसिद्ध 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा की धूम के बीच जगदलपुर के अस्तित्व से जुड़ा एक महत्वपूर्ण इतिहास सामने आया है। रियासतकाल में जगदलपुर का नाम ‘जगतुगुड़ा’ हुआ करता था, जो माहरा समाज के सरदार जगतू माहरा के नाम पर था। बाद में राजा दलपत देव ने जगतू के ‘जग’ और दलपत सागर के ‘दल’ को मिलाकर जगदलपुर शहर की स्थापना की थी। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, उस दौर में राजदरबार और बस्तर दशहरा की प्रमुख रस्मों में राजा के साथ सरदार जगतू माहरा भी बराबरी से बैठा करते थे।

📢 मुरिया दरबार में जगह न मिलने से माहरा समाज में आक्रोश: प्रशासन से की विशेष स्थान और भूमि आरक्षण की मांग

जब से बस्तर दशहरा पर्व का शासकीयकरण हुआ है, तब से माहरा समाज को उचित सम्मान न मिलने का आरोप लगाया जा रहा है। माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष राजू बघेल का कहना है कि दशहरा की सबसे प्रमुख रस्म ‘मुरिया दरबार’ में समाज को दरकिनार कर दिया गया है। समाज ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मुरिया दरबार में उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष स्थान आरक्षित किया जाए। साथ ही, दंतेश्वरी मंदिर के समीप पूर्व चिन्हित भूमि पर जगतू माहरा की भव्य प्रतिमा स्थापित करने हेतु भूमि उपलब्ध कराई जाए।

🏛️ बस्तर सांसद महेश कश्यप ने दिया आश्वासन: पुरानी परंपराओं को गौरव के साथ करेंगे बहाल, सांसद निधि से लगेगी प्रतिमा

मामले को गंभीरता से लेते हुए बस्तर सांसद व दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने समाज को भरोसा दिलाया है कि मुरिया दरबार में सभी समाजों की भागीदारी और सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने माना कि शासकीयकरण के बाद कहीं न कहीं पुरानी परंपराओं में चूक हुई है, जिसे अब सुधारा जाएगा। सांसद ने कहा कि जगतू माहरा के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता; इसलिए उनकी स्मृति में सांसद निधि से राशि जारी कर जल्द ही भव्य प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी।