Cockroach Janata Party Leaders Released: सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके और अन्य नेता रिहा, दादी के अंतिम संस्कार में हुए शामिल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके सहित दो अन्य कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया है। रिहाई के तुरंत बाद सौरव और आशुतोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे, जिन्हें जबरन पकड़ा गया। आशुतोष ने दावा किया कि उन्हें फ्लाइट से किडनैप किया गया था और इमरजेंसी के दौर में भी ट्रेनें बंद नहीं की गई थीं, जो अब किया गया है।
🗳️ चुनाव आयोग और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें कल फ्लाइट से ही पकड़ लिया गया था। इसी दौरान अभिजीत की दादी का देहांत हो गया था, और जब यह बात दिल्ली पुलिस को बताई गई तो उनका अमानवीय चेहरा सामने आया, जो कैमरा और माइक लेकर पहुंच गए थे। नेताओं ने बताया कि अभिजीत को उनके भाई से भी बात नहीं करने दी गई। हालांकि, आज अभिजीत अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए हैं, लेकिन उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि “अभी तो यह लड़ाई शुरू हुई है”, और अभिजीत अपने इस दुख को कोई इवेंट नहीं बनाना चाहते थे।
⚖️ 24 घंटे की हिरासत के बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर रिहाई
कॉकरोच जनता पार्टी के इन तीनों बड़े नेताओं को रविवार सुबह रिहा किया गया। दिल्ली पुलिस ने इन्हें प्रिवेंटिव अरेस्ट (एहतियाती गिरफ्तारी) के तहत कम से कम 24 घंटे तक हिरासत में रखा था। इन तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन से एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के आदेश पर रिहा किया गया। पुलिस स्टेशन के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच ये सभी सुबह करीब 10:15 बजे एक एसयूवी (SUV) में बाहर निकले।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि इन सभी को 10 अक्टूबर को BNSS की धारा 126/170 के तहत एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करने के बाद इन्हें 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की SEM कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ से इन्हें रिहाई मिली।