Festive Season Delhi Trade: नवरात्रि-दिवाली सीजन में व्यापार ठप होने की आशंका, सीटीआई की मांग- दिल्ली में न हों प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बड़े विरोध प्रदर्शन के कारण शनिवार (10 अक्टूबर) को राजधानी दिल्ली के सभी प्रमुख थोक व खुदरा बाजार बंद रहे। सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग और लाजपत राय मार्केट जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में कारोबार पूरी तरह ठप रहा। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अनुसार, इस प्रदर्शन और रास्तों व मेट्रो स्टेशनों की बंदी से दिल्ली के व्यापारियों और सर्विस सेक्टर को करीब 2000 करोड़ रुपये का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
📜 CTI की राजनीतिक दलों से अपील: त्योहारी सीजन में दिल्ली में न करें धरना-प्रदर्शन, सीटीआई ने लिखा पत्र
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने CJP के अभिजीत दीपके समेत तमाम राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर अपील की है कि दिवाली तक दिल्ली में कोई भी धरना-प्रदर्शन न किया जाए। उन्होंने कहा कि आज से नवरात्रि और रामलीला उत्सव शुरू हो रहे हैं, जो दिल्ली के 20 लाख व्यापारियों के लिए साल का सबसे बड़ा व्यावसायिक सीजन होता है। यदि इस तरह के लंबे प्रदर्शन और पाबंदियां जारी रहीं, तो दिल्ली की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी और व्यापारियों का कारोबार चौपट हो जाएगा।
🎭 रामलीलाओं और रोजगार पर मंडराया संकट: बाहरी ग्राहकों की आवक रुकी, सर्विस सेक्टर की बुकिंग कैंसिल
CTI ने पत्र में उल्लेख किया है कि दिल्ली में आयोजित होने वाली 650 से अधिक रामलीलाओं के माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। यदि रास्ते और मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे तो आम लोग और दिल्ली के बाहर से आने वाले रोजाना 3-4 लाख ग्राहक खरीदारी और कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सकेंगे। प्रदर्शन के दिन रिटेल बाजार ही नहीं, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, टूरिज्म, ब्यूटी पार्लर और सैलून जैसे सर्विस सेक्टर में भी बुकिंग कैंसिल होने से भारी आर्थिक नुकसान दर्ज किया गया। CTI ने मांग की है कि त्योहारी सीजन को बचाए रखने के लिए राजनीतिक दल अपने प्रदर्शनों के लिए दिल्ली के बजाय किसी अन्य शहर का चयन करें।