Chandigarh Court Verdict: मल्टीविटामिन सिरप ‘लाइजिड’ में मिलावट का मामला, निर्माता कंपनी पर 40 हजार का जुर्माना
चंडीगढ़ की एक जिला अदालत ने मल्टीविटामिन सिरप ‘लाइजिड’ में मिलावट और उसमें प्रतिबंधित तत्व पाए जाने के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्माता कंपनी को दोषी करार दिया है और उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अदालत ने इस मामले में सप्लीमेंट के रिटेलर, थोक वितरक (होलसेल डिस्ट्रीब्यूटर) और मार्केटर को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है।
🧪 छापेमारी और लैब जांच में हुआ था बड़ा खुलासा
खाद्य सुरक्षा अधिकारी निशा स्याल की टीम ने 27 मार्च 2023 को मनीमाजरा स्थित ‘ग्रोवर एंड सन्स’ की दुकान का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम ने वहाँ बिक्री के लिए रखी गई लाइजिड सिरप की सीलबंद बोतलों से नमूने (सैंपल) एकत्र किए थे।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन नमूनों को सबसे पहले जांच के लिए गुरुग्राम स्थित लैब में भेजा था, जहाँ सिरप तय मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
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इसके बाद प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए मुंबई स्थित रैफरल फूड लैबोरेटरी में दोबारा जांच कराई गई।
🚫 रैफरल लैब की रिपोर्ट में क्या आया सामने?
मुंबई की रैफरल लैब से आई जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सिरप में कई तरह की गंभीर कमियां और नियम उल्लंघन पाए गए:
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सिरप में विटामिन सी की मात्रा उसके लेबल पर घोषित मात्रा से काफी अधिक पाई गई।
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इसके विपरीत, शरीर के लिए जरूरी ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए और जिंक की मात्रा तय मानकों से काफी कम निकली।
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सबसे गंभीर बात यह रही कि सिरप में सैकरीन पाया गया, जो इस प्रकार के सिरप और उत्पादों में पूरी तरह से प्रतिबंधित होता है।
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इसके अलावा, सिरप के लेबल पर रंगों और प्रिजर्वेटिव (परिरक्षक) के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी में भी कानूनी नियमों का खुला उल्लंघन पाया गया, जिसके आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया है।