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CUET UG & PG 2027 में बड़े बदलाव: विद्यार्थियों को बार-बार परीक्षा केंद्र जाने की झंझट से मिलेगी राहत

लुटियाना (लुधियाना): देशभर की यूनिवर्सिटीज में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली सी.यू.ई.टी.-यूजी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रैंस टैस्ट-अंडरग्रैजुएट) में शामिल होने वाले 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों को वर्ष 2027 से बहुत बड़ी राहत मिलने जा रही है।

अब विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए अलग-अलग सेंटरों पर बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में एक विद्यार्थी की सी.यू.ई.टी.-यू.जी. की पूरी परीक्षा महज एक ही दिन में समाप्त हो जाएगी। परीक्षा के लिए निर्धारित 12 से 15 दिनों की विंडो में से प्रत्येक स्टूडेंट को सिर्फ एक ही दिन परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा।

यूनिवर्सिटी एंट्रेंस परीक्षा के पैटर्न में इस बदलाव के रोडमैप पर विशेषज्ञों की सहमति बन गई है और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। अभी तक विद्यार्थियों को 2 से 3 बार अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर जाना पड़ता था, जिससे उनका कीमती समय और पैसा दोनों खर्च होता था। वर्ष 2026 की परीक्षा में 15,68,866 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, और अब इन बदलावों को लागू करने के लिए फाइनल गाइडलाइन्स तैयार की जा रही हैं।

⏱️ विषयों की संख्या और समय घटाने की तैयारी

वर्तमान व्यवस्था में एक विद्यार्थी अधिकतम 5 विषयों की परीक्षा दे सकता है और हर विषय के लिए 60 मिनट मिलते हैं। नए प्रस्तावित फॉर्मूले के तहत:

  • समय में कटौती: हर विषय की परीक्षा का समय घटाकर 40 से 45 मिनट किया जाएगा।

  • कुल समय: यदि कोई विद्यार्थी 5 विषयों की परीक्षा देता है, तो उसकी पूरी परीक्षा अधिकतम 200 मिनट (यानी 3 घंटे 20 मिनट) में समाप्त हो जाएगी।

  • 4 विषयों का विकल्प: शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में यूजीसी (UGC), एनटीए (NTA) और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इस बात पर भी विचार चल रहा है कि क्या 5 के बदले अधिकतम 4 विषयों का विकल्प दिया जाए। अगर विद्यार्थी 4 विषय चुनता है, तो उसकी परीक्षा महज 160 मिनट में पूरी हो जाएगी।

📝 सवालों की संख्या और यूनिवर्सिटी के नियमों में एकरूपता

  • प्रश्नों की संख्या घटेगी: सी.यू.ई.टी.-यूजी में कुल 37 विषयों (13 लैंग्वेज, 1 जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट और 23 डोमेन सब्जेक्ट) की परीक्षा होती है। मौजूदा पैटर्न में 60 मिनट में 50 सवालों के जवाब देने होते हैं, लेकिन समय कम होने के साथ अब सवालों की संख्या भी घटाकर 35 से 40 तक की जा सकती है।

  • एडमिशन क्राइटेरिया: विभिन्न यूनिवर्सिटीज के दाखिला नियमों में पाए जाने वाले अंतर को खत्म करने की योजना है। उदाहरण के लिए, दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में जनरल टेस्ट मान्य नहीं है, जबकि उत्तर प्रदेश की कई यूनिवर्सिटीज में यह अनिवार्य है। यूजीसी को निर्देश दिया गया है कि सभी विश्वविद्यालयों के नियमों में एकरूपता लाई जाए।

🎓 कम आवेदन वाले पीजी कोर्सों में नहीं होगी परीक्षा

केवल यूजी ही नहीं, बल्कि सी.यू.ई.टी.-पी.जी. (CUET-PG) में भी वर्ष 2027 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिन विषयों में तय सीटों के मुकाबले बहुत कम आवेदन आते हैं, उनमें एनटीए परीक्षा आयोजित नहीं कराएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कोर्स में 500 सीटें हैं और आवेदन उससे कम आते हैं, तो छात्रों को सीधे मेरिट के आधार पर प्रवेश दे दिया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों के आधार पर ऐसे 30 से अधिक विषयों को चिन्हित किया गया है।