Anil Vij on Mayawati: ‘फेल होकर स्कूल को दोष देने जैसा’, EVM पर मायावती के बयान पर अनिल विज का तीखा पलटवार
चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती द्वारा निष्पक्ष चुनाव के लिए ईवीएम (EVM) को तत्काल बंद करने की मांग पर तीखा पलटवार किया है।
अंबाला और चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनिल विज ने अपने चिर-परिचित व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि चुनावी हार के बाद ईवीएम पर ठीकरा फोड़ना बिल्कुल वैसा ही है, जैसे कोई बच्चा परीक्षा में फेल होने के बाद घर आकर रोने लगे कि मास्टर खराब था, स्कूल खराब था और क्लास का बेंच भी खराब था।
उन्होंने कहा कि विपक्ष जब चुनाव हार जाता है तो अपनी कमियों को देखने के बजाय मशीनों और निर्वाचन व्यवस्था पर दोष मढ़ना शुरू कर देता है।
📜 जीतने पर साधी जाती है चुप्पी: ‘अगर वोटर लिस्ट गलत है, तो विपक्ष के सांसद-विधायक दें इस्तीफा’
विपक्ष के दोहरे रवैये पर ऊर्जा मंत्री के तीखे सवाल:
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चुनिंदा खामोशी पर घेरा: कैबिनेट मंत्री विज ने कहा कि जब यही विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, तब ईवीएम और व्यवस्था पर एक शब्द भी नहीं बोलते। उन्होंने उदाहरण देते हुए पूछा कि हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में जीत दर्ज करते वक्त विपक्ष ने कोई सवाल क्यों नहीं उठाया?
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सड़कों पर जुलूस निकालने पर पलटवार: उन्होंने कहा कि विपक्ष जगह-जगह जुलूस निकालकर मतदाता सूचियों (Voter List) में गड़बड़ी का झूठा आरोप लगा रहा है।
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इस्तीफे की खुली चुनौती: विज ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि विपक्ष यह मान रहा है कि मतदाता सूचियां पूरी तरह गलत हैं, तो इन सूचियों के आधार पर चुने गए उनके सभी मौजूदा सांसदों और विधायकों को तुरंत अपने पदों से त्यागपत्र दे देना चाहिए और फिर सड़कों पर उतरना चाहिए।
⚖️ कपिल सिब्बल की सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी पर हमला: ‘संस्थाओं के खिलाफ अभियान चला रही है कांग्रेस’
अदालतों और संवैधानिक मर्यादाओं पर विज का पक्ष:
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न्यायपालिका पर सवाल उठाने का विरोध: वरिष्ठ अधिवक्ता व सांसद कपिल सिब्बल द्वारा सुप्रीम कोर्ट की निष्पक्षता और फैसलों पर उठाए गए सवालों पर मंत्री अनिल विज ने कड़ा ऐतराज जताया।
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स्वायत्त संस्थाओं पर लगातार प्रहार: विज ने कहा कि वे पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस पार्टी सोची-समझी रणनीति के तहत देश की तमाम स्वायत्त और संवैधानिक संस्थाओं की साख गिराने का सुनियोजित अभियान चला रही है।
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जांच एजेंसियों की छवि धूमिल करने का आरोप: उन्होंने कहा कि विपक्ष अदालत, ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और चुनाव आयोग जैसी शीर्ष संस्थाओं पर लगातार प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए घातक है।
🏛️ ‘राहुल गांधी की नसों में तानाशाही वाला खून’: लोकतंत्र को कमजोर करने का लगाया आरोप
कांग्रेस नेतृत्व और आपातकाल की याद दिलाते हुए बयान:
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नेतृत्व पर सीधा वार: अनिल विज ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन हमलों का मुख्य कारण यह है कि आज कांग्रेस पार्टी की रहनुमाई राहुल गांधी कर रहे हैं।
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इतिहास का हवाला: उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की नसों में उनकी दादी इंदिरा गांधी का तानाशाही वाला राजनीतिक खून दौड़ रहा है।
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लोकतंत्र बनाम तानाशाही: उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस देश में प्रजातंत्र को कमजोर कर तानाशाही मानसिकता को फिर से स्थापित करना चाहती है, यही वजह है कि वे हर स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था के फैसलों का लगातार विरोध कर रहे हैं।