INDIA Alliance Meeting: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का बड़ा मोर्चा, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च और 5 रैलियों का ऐलान
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनावी निष्पक्षता को लेकर विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की अहम बैठक में बड़ा सियासी फैसला लिया गया है।
बैठक के बाद आयोजित साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि यह मंथन बैठक करीब साढ़े 3 घंटे तक चली, जिसमें 20 प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया।
बैठक में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई वरिष्ठ नेता वर्चुअल माध्यम से जुड़े। खरगे ने कहा कि सभी दलों ने एकमत होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एकजुट होकर मजबूती से कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। इस दौरान राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आगे के आंदोलन के लिए कई अहम रणनीतिक सुझाव रखे।
🎯 ‘कठपुतली की तरह काम कर रहा है चुनाव आयोग’: मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
विपक्षी गठबंधन के गंभीर आरोप:
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सरकार के इशारे पर काम का आरोप: कांग्रेस अध्यक्ष ने सीधा आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक व निष्पक्ष संस्था के बजाय सत्तापक्ष के हाथों की कठपुतली बनकर रह गया है।
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वोट चोरी और हेरफेर: खरगे ने कहा कि सरकार दो-तीन लोगों को मोहरा बनाकर बड़े पैमाने पर वोटों की चोरी करवा रही है और सत्ता हासिल कर रही है।
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नेताओं को प्रताड़ित करने का आरोप: उन्होंने कहा कि जो भी विपक्षी नेता लोकतंत्र, युवाओं के रोजगार और संविधान की रक्षा के लिए न्यायपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें सरकारी एजेंसियों के जरिए तंग और परेशान किया जा रहा है।
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5 बड़ी रैलियों की तैयारी: विपक्ष ने देश भर में जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पांच विशाल संयुक्त रैलियां आयोजित करने का निर्णय लिया है।
🚶♂️ 2 से 8 अक्टूबर तक देशव्यापी ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’: 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव
आंदोलन की रूपरेखा और तारीखें:
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हर जिले में मार्च: खरगे ने घोषणा की कि 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से 8 अक्टूबर तक देश के प्रत्येक जिले में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला जाएगा।
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कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन: विपक्षी कार्यकर्ता और नेता जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालयों के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे और आम जनता को चुनाव प्रक्रिया में हो रही कथित गड़बड़ियों से अवगत कराएंगे।
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6 अक्टूबर को ‘मार्च टू इलेक्शन कमीशन’: 6 अक्टूबर को संसद से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक विपक्षी सांसदों का एक विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा। सभी दलों के सांसदों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह तिथि निर्धारित की गई है।
🏛️ अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में राष्ट्रपति से मुलाकात: 1 नवंबर को दिल्ली में विशाल महारैली
संवैधानिक दखल और महारैली का शेड्यूल:
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राष्ट्रपति को सौंपेंगे ज्ञापन: खरगे ने बताया कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगेगा। राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर संवैधानिक संकट, लोकतांत्रिक संस्थाओं के हनन और चुनाव प्रणाली की विसंगतियों से अवगत कराया जाएगा।
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1 नवंबर को दिल्ली में महारैली: जमीनी आंदोलन को धार देने के लिए 1 नवंबर को देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐतिहासिक महारैली का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अक्टूबर और नवंबर में विभिन्न राज्यों में भी बड़े सम्मेलन किए जाएंगे।
📢 ‘तुरंत इस्तीफा दें ज्ञानेश कुमार’: ममता बनर्जी ने 2026 और पिछले चुनावों पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कड़ा रुख:
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सीईसी के इस्तीफे की मांग: ममता बनर्जी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
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वोट चोरी का आरोप: उन्होंने कहा कि बिहार से लेकर मध्य प्रदेश, हरियाणा और बंगाल तक वोटों की व्यापक लूट की गई है।
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अदालतों के चक्कर काटने का जिक्र: ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हर विधिक दरवाजे पर गया, लेकिन जनता के वोट की रक्षा नहीं हो सकी। उन्होंने सवाल किया कि मतदान के बाद ईवीएम मशीनें जलाने और बदलने की घटनाएं क्यों सामने आईं?
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संवैधानिक अधिकार की रक्षा: उन्होंने कहा कि यदि मतदान का अधिकार ही सुरक्षित नहीं रहा, तो देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। यदि CEC पद नहीं छोड़ते, तो विपक्ष का यह आंदोलन जनक्रांति का रूप लेगा।
🛡️ ‘भारतीय लोकतंत्र हर व्यक्ति से बड़ा है’: राहुल गांधी बोले- लोकतंत्र बर्बाद करने वालों को सजा दिलाएंगे
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का वक्तव्य:
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जिम्मेदारों पर कार्रवाई का संकल्प: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र से खिलवाड़ करने वाले कितने भी रसूखदार या वरिष्ठ पद पर क्यों न हों, विपक्ष यह सुनिश्चित करेगा कि भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों को कानूनी रूप से सजा मिले।
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संविधान सबसे ऊपर: राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि इस देश का लोकतंत्र और संविधान किसी भी व्यक्ति, दल या सत्ता से कहीं अधिक महान और बड़ा है।
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युवाओं में आक्रोश: उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता और विशेषकर युवाओं तक यह सच पहुंचाने में पूरी तरह सफल रहा है कि व्यवस्था में भारी हेरफेर हुआ है। देश का युवा अब यह समझ चुका है कि लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और इस मनमानी को हर हाल में रोका जाना जरूरी है।