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Healthy Heart Lifestyle: तनाव, कम नींद और घंटों बैठे रहना बन सकता है दिल की बीमारी की वजह, एक्सपर्ट्स से जानें बचाव के उपाय

हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आमतौर पर संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम, धूम्रपान से पूरी तरह दूरी और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि, आज की भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली में काम के लंबे घंटे, अनवरत मानसिक तनाव, नींद का अभाव और घंटों एक ही जगह बैठे रहने की आदतें भी हृदय के स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही हैं।

ऐसे में हृदय को सुरक्षित रखने के लिए केवल सुबह या शाम थोड़ी देर वर्कआउट करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी 24 घंटे की दिनचर्या में सुधार लाना अनिवार्य हो चुका है। विशेष रूप से उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर), मधुमेह (डायबिटीज), मोटापे अथवा धूम्रपान से जूझ रहे लोगों के लिए तनाव प्रबंधन और पर्याप्त नींद पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इसके लिए किसी बड़े फेरबदल की जगह दैनिक आदतों में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव किए जा सकते हैं।

🧠 लंबे समय का मानसिक तनाव: ब्लड प्रेशर और दिल पर पड़ता है सीधा दबाव

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आनंद कुमार एम का दृष्टिकोण:

  • पूरी जीवनशैली का समन्वय: बेंगलुरु स्थित स्पर्श हॉस्पिटल (यशवंतपुर) के कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आनंद कुमार एम के अनुसार, दिल की सेहत को केवल कोलेस्ट्रॉल की एक रिपोर्ट तक सीमित नहीं माना जा सकता। यह व्यक्ति की संपूर्ण दिनचर्या से जुड़ा व्यापक विषय है।

  • तनाव का नकारात्मक प्रभाव: लगातार तनाव, अपर्याप्त नींद, अत्यधिक काम का दबाव और दिनभर गतिहीन बैठे रहना मिलकर हृदय के अनुकूल वातावरण को बिगाड़ देते हैं।

  • आदतों की पहचान जरूरी: यद्यपि तनाव अकेला हृदय रोग का एकमात्र कारण नहीं होता, किंतु यह सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर, नींद के चक्र और दैनिक खान-पान की आदतों को असंतुलित कर देता है। इसलिए समय रहते इन ट्रिगर्स को पहचानकर धीरे-धीरे सुधार करना आवश्यक है।

💤 काम के चक्कर में नींद से समझौता: बढ़ सकता है हृदय रोगों का जोखिम

डॉ. (मेजर) अभिनव श्रीवास्तव की जरूरी सलाह:

  • नींद की अहम भूमिका: दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव के संदर्भ में पर्याप्त और गहरी नींद को कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

  • अनहेल्दी लाइफस्टाइल की शुरुआत: जो लोग नियमित रूप से कम सोते हैं, उनमें शारीरिक सुस्ती, ऊर्जा की कमी और अत्यधिक जंक फूड खाने की प्रवृत्ति स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है।

  • क्रॉनिक मरीजों के लिए सतर्कता: हाई ब्लड प्रेशर अथवा डायबिटीज से पीड़ित व्यक्तियों के लिए नींद का चक्र नियमित रखना और भी आवश्यक है। हृदय को मजबूत रखने के लिए शरीर को पर्याप्त विश्राम और दिनभर हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि दोनों का संतुलन मिलना चाहिए।

🚶‍♂️ दिनभर घंटों बैठे रहने की आदत: 1 घंटे का जिम भी नहीं कर पाता भरपाई

दिल्ली के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर सिंघल की राय:

  • जिम बनाम गतिहीन दिनचर्या: श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट (दिल्ली) के कार्डियोलॉजी डायरेक्टर डॉ. अमर सिंघल के अनुसार, रोज केवल एक घंटे जिम में पसीना बहाना पूरे 8 से 10 घंटे लगातार बैठे रहने के नुकसान की पूरी भरपाई नहीं कर सकता।

  • एक्टिव रूटीन अपनाएं: शारीरिक सक्रियता को पूरे दिन की आदतों में शामिल करना होगा। ऑफिस या वर्कप्लेस पर काम के दौरान हर 45 से 60 मिनट में थोड़ा टहलना, स्ट्रेचिंग करना और लगातार बैठे रहने से बचना चाहिए।

  • स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण: लंबे समय तक स्क्रीन देखने, देर रात भोजन करने और अनियमित दिनचर्या पर अंकुश लगाकर ही हृदय संबंधी जोखिमों को न्यूनतम किया जा सकता है।

🩺 लक्षणों का इंतजार न करें: बीमारी से पहले बचाव पर ध्यान देना है समझदारी

इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विजय कुमार बहल का विश्लेषण:

  • प्रिवेंशन है सबसे बेहतर इलाज: मेट्रो हॉस्पिटल्स (दिल्ली) के कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार बहल के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण सुधार यह है कि बीमारी होने के बाद उपचार खोजने के बजाय पहले से ही बचाव (प्रिवेंशन) पर काम किया जाए।

  • समय पर हेल्थ चेकअप: सीने में दर्द, सांस फूलने या अत्यधिक थकान जैसे गंभीर लक्षणों का इंतजार किए बिना नियमित अंतराल पर बेसिक स्वास्थ्य जांच कराना समझदारी है।

  • रूटीन का समग्र आकलन: रिपोर्ट के आंकड़ों के साथ-साथ यह भी समझना होगा कि व्यक्ति का दैनिक जीवन कैसा बीत रहा है। तनाव, अनिद्रा और शारीरिक निष्क्रियता को समय रहते दूर करना किसी भी गंभीर आपात स्थिति से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

🌟 छोटे-छोटे कदम लाएंगे बड़ा बदलाव: स्वस्थ दिल के लिए बनाएं संतुलित दिनचर्या

दैनिक जीवन में अपनाने योग्य जरूरी बातें:

  • नियमित व्यायाम और संतुलित आहार: पोषक तत्वों से भरपूर ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज का सेवन करें और तैलीय व प्रसंस्कृत भोजन से परहेज रखें।

  • वजन और पैरामीटर्स पर नियंत्रण: शरीर का वजन सामान्य बनाए रखें तथा ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर की समय-समय पर निगरानी करें।

  • धूम्रपान और तंबाकू से पूर्ण दूरी: तंबाकू और धूम्रपान हृदय की धमनियों को सीधा नुकसान पहुंचाते हैं, अतः इनसे पूरी तरह दूर रहें।

  • स्थायी आदत बनाएं: हृदय की देखभाल केवल कुछ दिनों का अभियान नहीं, बल्कि जीवनभर की एक स्वस्थ आदत होनी चाहिए। कार्यस्थल और घर दोनों जगह संयमित दिनचर्या अपनाकर आप अपने दिल को हमेशा स्वस्थ और सक्रिय रख सकते हैं।