West Bengal News: टीएमसी नेता कुणाल घोष पर 18 घंटे में दूसरी बार हमला, अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल से की दखल देने की मांग
पश्चिम बंगाल से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता कुणाल घोष पर जानलेवा हमला हुआ है। विधायक ने खुद पर पिस्तौल और लोहे की रॉड से हमला किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के तुरंत बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी का तीखा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि महज 18 घंटे के भीतर यह दूसरी बार है जब बेलीघाटा से जुड़े नेता कुणाल घोष को खुलेआम निशाना बनाया गया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जब एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का यह हाल है, तो राज्य की आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
🚗 हुगली के उत्तरपाड़ा में भी हुआ था काफिले पर हमला, तोड़े गए थे कार के शीशे
इससे पहले बीते 26 सितंबर को भी कुणाल घोष की कार पर अचानक हमला किया गया था। वह उस दौरान हुगली के उत्तरपाड़ा से गुजरते हुए श्रीरामपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एक सभा में शामिल होने के लिए जा रहे थे। रास्ते में उनकी कार को कथित तौर पर उग्र भीड़ ने चारों तरफ से घेर लिया था। उनकी गाड़ी पर अंडे और भारी पत्थर फेंके गए थे, जिससे कार के कांच के शीशे टूट गए थे। इस पहली घटना के बाद भी कुणाल घोष ने मौके पर मौजूद पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए थे।
🛑 पार्टी बदलने से इनकार करने पर हथियारबंद लोगों द्वारा निशाना बनाने का आरोप
अब इस दूसरी बड़ी घटना के सामने आने के बाद टीएमसी सांसद और पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने इस हमले की कड़ी शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए आरोप लगाया कि हथियारबंद बदमाशों ने एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को खास तौर पर इसलिए निशाना बनाया और प्रताड़ित किया क्योंकि उन्होंने अपनी पार्टी बदलने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि यदि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की सुरक्षा की यह दयनीय स्थिति है, तो आम आदमी की सुरक्षा की कल्पना करना भी बेमानी है।
🏛️ राज्यपाल आरएन रवि से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग
अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि से इस पूरे मामले में तत्काल प्रभाव से दखल देने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल महोदय को खुद संज्ञान लेते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर से इस संबंध में बात करनी चाहिए। अभिषेक ने मांग की कि इस कायराना हमले के पीछे शामिल और जिम्मेदार एक-एक व्यक्ति की पहचान करके उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि राज्य में हिंसा और डराने-धमकाने का यह काला सिलसिला हमेशा के लिए रुक सके।
❓ बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा- लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा की कोई जगह नहीं
इस दौरान अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी तीखे सवाल दागे। उन्होंने सवाल किया कि यदि बीजेपी यह दावा करती है कि उसने पश्चिम बंगाल में जनता के भारी जनादेश से जीत हासिल की है, तो फिर उन नेताओं और जनप्रतिनिधियों को डराने-धमकाने की कोशिश क्यों की जा रही है जो पाला बदलने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने अंत में कहा कि बंगाल की आम जनता को शांति, सुरक्षा और सही मायने में कानून का राज चाहिए, क्योंकि स्वस्थ लोकतंत्र में किसी भी तरह की राजनीतिक हिंसा के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।