MP Crime News: भोपाल के एमपीनगर में फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा, रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए गए करोड़ों रुपये
भोपाल। एमपीनगर स्थित एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड में किसानों की फसल बीमा की भारी-भरकम रकम में 3.62 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कंपनी में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी राजेश विश्वकर्मा पर हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान राज्यों के किसानों के बीमा क्लेम की इस बड़ी रकम को अपने ही रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों में गैरकानूनी तरीके से ट्रांसफर कराने का गंभीर आरोप लगा है। कंपनी की आंतरिक जांच में यह बात उजागर हुई है कि उसने एनसीआइपी (NCIP) पोर्टल पर किसानों के बैंक खाते बदलने के साथ-साथ कंपनी के पे-प्रो (Pay-Pro) भुगतान सिस्टम में भी बड़ी सेंध लगाई थी।
💸 दूसरे फर्जी खातों में भेजी गई किसानों के हक की बीमा क्लेम की रकम
अब मुख्य आरोपी के बैंक खाते पूरी तरह खाली मिलने की बात सामने आ रही है। कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक पाटिल की आधिकारिक शिकायत के अनुसार, शुरुआती जांच में एनसीआइपी पोर्टल पर अनधिकृत तरीके से लॉगिन करके 10 अलग-अलग खातों में 45.79 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया था। जब इसकी गहराई से आगे जांच की गई, तो यह हेराफेरी की राशि बढ़कर सीधे 77.04 लाख रुपये हो गई। इस अवैध काम के लिए कुल 13 विभिन्न बैंक खातों का गलत इस्तेमाल किया गया था। आरोप है कि किसानों के असली बैंक खातों में दर्ज जानकारी बदलकर बीमा क्लेम की पूरी रकम चालाकी से अन्य खातों में डाइवर्ट कर दी गई।
🔄 पूरी साजिश और हेराफेरी की प्रक्रिया में कुल 29 बैंक खातों का हुआ इस्तेमाल
कंपनी की इंटरनल जांच में पे-प्रो सिस्टम के माध्यम से 2.85 करोड़ रुपये की अतिरिक्त हेराफेरी किए जाने का भी पर्दाफाश हुआ है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल 29 बैंक खातों में अवैध रूप से रकम जमा कराई गई। शातिर आरोपी ने किसानों के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी तैयार करके और वरिष्ठ अधिकारियों के जाली पत्र, फर्जी मुहर तथा दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर भुगतान अन्य खातों में करवाने की गहरी साजिश रची थी।
⚖️ कुल 32 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुए 3.62 करोड़, एमपीनगर थाने में मामला दर्ज
कंपनी की शिकायत में बताया गया है कि इन दोनों माध्यमों से कुल 32 अलग-अलग खातों में कुल 3.62 करोड़ रुपये की भारी रकम ट्रांसफर की गई है। कंपनी के अनुसार, लगभग छह महीने तक लगातार क्लेम की राशि न मिलने पर जब किसानों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई, तब जाकर इस पूरे घोटाले का खुलासा हुआ और आंतरिक जांच शुरू की गई। शनिवार शाम को एमपीनगर पुलिस थाने में आरोपी राजेश विश्वकर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। कंपनी ने मांग की है कि मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध खातों की भी गहन जांच की जाए, सभी संबंधित खातों की रकम को तुरंत फ्रीज किया जाए और मुख्य आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।