National Highway Standards: NHAI ने बदले हाईवे निर्माण के नियम; 1 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल और ट्रैफिक आधार पर बनेगी लेन
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश में हाई-स्पीड नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे के निर्माण, डिजाइनिंग तथा सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए नए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। लगातार हाईवे निर्माण की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा पर उठते सवालों के बीच प्राधिकरण ने तय किया है कि भविष्य में बनने वाले हाई-स्पीड कॉरिडोर की लेन व्यवस्था को यातायात के दबाव (Traffic Density) के आधार पर मानकीकृत (Standardize) किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य वाहनों के निर्बाध और सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना है।
📐 60 से 70 मीटर का दायरा मानकों में शामिल: जानिए ट्रैफिक के हिसाब से कितनी होगी हाईवे की चौड़ाई
नए नियमों के अनुसार, हाईवे कॉरिडोर की चौड़ाई उसमें से गुजरने वाले दैनिक वाहनों की संख्या के आधार पर निर्धारित की जाएगी:
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4-लेन हाईवे (4-लेन स्ट्रक्चर): यदि प्रतिदिन ट्रैफिक प्रवाह 15,000 वाहनों तक है, तो कॉरिडोर की कुल चौड़ाई 60 मीटर रखी जाएगी।
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4-लेन हाईवे (6-लेन स्ट्रक्चर): 15,000 से 25,000 वाहनों के दैनिक ट्रैफिक लोड वाले मार्गों की चौड़ाई 70 मीटर होगी।
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6-लेन हाईवे (6-लेन स्ट्रक्चर): 25,000 से 40,000 वाहनों के भारी आवागमन वाले मार्गों के लिए भी चौड़ाई 70 मीटर तय की गई है।
ये मानक आगामी सभी फोर-लेन और सिक्स-लेन वाले ग्रीनफील्ड (नए सिरे से बनने वाले) और ब्राउनफील्ड (मौजूदा चौड़े होने वाले) हाई-स्पीड प्रोजेक्ट्स की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने पर लागू होंगे। इससे पूरे देश में हाईवे निर्माण के तकनीकी मानकों में एकरूपता आएगी।
🧱 1 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल और सीधे रैंप इंटरचेंज की सुविधा: हादसों पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा का नया खाका
सड़क हादसों पर लगाम लगाने और अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए NHAI ने सुरक्षा का नया खाका तैयार किया है।
अब हाई-स्पीड कॉरिडोर के दोनों बाहरी किनारों पर 1 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल (दीवार) बनाई जाएगी, जिससे आवारा मवेशियों या पैदल चलने वालों का अचानक हाईवे पर आना रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और अन्य प्रमुख सड़कों की क्रॉसिंग पर आवाजाही आसान बनाने के लिए रैंप युक्त इंटरचेंज बनाए जाएंगे। भारी ट्रैफिक वाले रणनीतिक स्थलों जैसे कि बंदरगाहों (Ports), हवाई अड्डों, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), औद्योगिक क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों को सीधे जोड़ने वाली सड़कों पर भी विशेष कनेक्टिविटी दी जाएगी।
🇮🇳 ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से जुड़ा प्रोजेक्ट: 50,000 किमी के एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर का बिछेगा जाल
NHAI का यह कदम केंद्र सरकार के दीर्घकालिक विजन के अनुरूप है, जिसके तहत ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य के अंतर्गत देश भर में 50,000 किलोमीटर के एक्सेस-कंट्रोल्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर का जाल बिछाया जाना है।
वर्तमान में एक्सप्रेस-वे के अलावा सामान्य हाई-स्पीड नेशनल हाईवे के लिए अलग से कोई स्पष्ट डीपीआर (DPR) मानक नहीं थे, जिससे अलग-अलग राज्यों में निर्माण मानकों में भिन्नता आ जाती थी। नए दिशा-निर्देशों से इस असंतुलन को दूर किया जा सकेगा, जिससे देश में माल धुलाई (Logistics) की लागत कम होगी और यात्रा का समय घटेगा।