Bank Strike News: झारखंड में 30 हजार बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप, 11 से 30 सितंबर तक 4 दिन बंद रहेंगे बैंक
रांची (झारखंड): झारखंड सहित पूरे देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एकदिवसीय देशव्यापी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के संयुक्त आह्वान पर सभी सार्वजनिक बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। राजधानी रांची के अरगोड़ा चौक के समीप एकत्र हुए बैंक कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मुख्य रूप से 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह (5-Day Banking) लागू करने, पीएलआई (PLI) भुगतान की विसंगतियों को अविलंब दूर करने और 8 मार्च 2024 को हुए द्विपक्षीय समझौते को पूरी तरह लागू करने की मांग दोहराई।
📢 केंद्र सरकार की नीतियों पर फूटा गुस्सा: कार्य दबाव और दोहरी नीति का आरोप
कर्मचारियों का आक्रोश और मुख्य मुद्दे:
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समझौता लागू न होने पर नाराजगी: बैंक कर्मियों ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार और आईबीए (IBA) के साथ 8 मार्च 2024 को हुए आधिकारिक समझौते को अब तक धरातल पर लागू नहीं किया गया है।
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दोहरी नीति पर प्रहार: यूएफबीयू के वरीय उपाध्यक्ष एस.के. ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय सरकारी दफ्तरों और बीमा (LIC/GIC) क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्यदिवस लागू है, किंतु रात 10 बजे तक काम करने वाले बैंक कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण नीति अपनाई जा रही है।
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तनाव और कार्य का दबाव: कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि अत्यधिक कार्यभार और मानसिक दबाव के चलते बैंकिंग सेक्टर में काम करने वाले कर्मियों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो चुकी है।
⏱️ 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का दिया था विकल्प: सरकार पर टालमटोल का आरोप
यूनियन का प्रस्ताव और वार्ता की स्थिति:
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समय समायोजन का आश्वासन: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के संयुक्त संयोजक मुनिन्द्र लाल सिंह ने बताया कि यूनियन ने सरकार को भरोसा दिया था कि यदि सप्ताह में दो दिन का अवकाश दिया जाता है, तो बैंककर्मी दैनिक कार्य अवधि में 40 मिनट का अतिरिक्त समय देकर कार्य का पूर्ण समायोजन कर देंगे।
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अनदेखी का आरोप: इस सकारात्मक प्रस्ताव के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर लगातार टालमटोल की जा रही है और कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
⚠️ सितंबर में 4 दिन हड़ताल का ऐलान: 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बंदी की चेतावनी
आगामी आंदोलन की रूपरेखा:
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सितंबर में 4 दिन काम ठप: बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि सितंबर माह में कुल 4 दिन हड़ताल रहेगी, जिसके तहत 11, 28, 29 और 30 सितंबर को अखिल भारतीय स्तर पर कामकाज ठप रखा जाएगा।
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26 अक्टूबर से महा-हड़ताल: यूएफबीयू के महासचिव जे. पांडे और दिनेश कुमार शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इसके बाद भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो 26 अक्टूबर से समस्त बैंक कर्मचारी देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
🏢 झारखंड में 3,200 शाखाओं में कामकाज प्रभावित: 30 हजार कर्मचारी सड़कों पर
राज्य स्तर पर बैंकिंग सेवाओं पर असर:
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30 हजार कर्मचारी शामिल: अकेले झारखंड राज्य में लगभग 30 हजार बैंक कर्मचारी 11 सितंबर की इस हड़ताल में शामिल रहे, जिससे शाखाओं में ताले लटके रहे और वित्तीय लेनदेन पूरी तरह प्रभावित रहा।
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शाखाओं की स्थिति: राज्य भर में राष्ट्रीयकृत, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों की 3,200 से अधिक शाखाएं हैं। निजी बैंकों की सीमित सेवाओं को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र और ग्रामीण बैंकों में सभी काउंटर बंद रहे।