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Mumbai Crime News: मुंबई में ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर फर्जी IT रेड, कारोबारी से 1 करोड़ मांगने वाले 10 गिरफ्तार; 2 असली अफसर भी शामिल

मुंबई (महाराष्ट्र): अंधेरी पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बॉलीवुड फिल्म ‘Special 26’ की तर्ज पर फर्जी आयकर (Income Tax) और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर कारोबारियों के यहां अवैध छापेमारी करता था।

आरोपियों ने अंधेरी स्थित एक बड़े कारोबारी के कार्यालय में घुसकर फर्जी छापा मारा और मामले को दबाने के नाम पर सीधे 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। इस सनसनीखेज प्रकरण में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि गिरोह में फर्जी अफसरों के अलावा आयकर विभाग के मौजूदा असली इंस्पेक्टर और टैक्स असिस्टेंट भी सक्रिय रूप से शामिल थे। अंधेरी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य साजिशकर्ता पूर्व ड्राइवर, तीन महिलाओं और आयकर विभाग के दो कर्मचारियों सहित कुल 10 आरोपियों को दबोच लिया है।

🚗 नौकरी से निकाले गए पूर्व ड्राइवर ने रची साजिश: वेतन विवाद और पुरानी रंजिश बनी वजह

साजिश की पृष्ठभूमि और मास्टरमाइंड का विवरण:

  • कारोबारी का दफ्तर: शिकायतकर्ता राजकुमार कंडासामी (49 वर्ष) का मुंबई के अंधेरी इलाके में कॉर्पोरेट कार्यालय स्थित है।

  • मास्टरमाइंड पूर्व ड्राइवर: पुलिस जांच में सामने आया कि पूरी साजिश का ताना-बाना संतोष उदय खोपटकर ने बुना था, जो पूर्व में कारोबारी कंडासामी के यहां ड्राइवर की नौकरी करता था।

  • विवाद की वजह: आपसी विवाद के चलते कारोबारी ने संतोष को छह महीने का वेतन दिए बिना नौकरी से निकाल दिया था। इसी प्रतिशोध की आग में उसने कारोबारी के आंतरिक वित्तीय लेनदेन की गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल किया।

  • गैंग की संरचना: संतोष ने योजना को मूर्त रूप देने के लिए छह पुरुषों और तीन महिलाओं का एक संगठित सिंडिकेट तैयार किया।

🪪 पहचान पत्र दिखाकर ऑफिस में घुसे आरोपी: 10 कर्मियों के मोबाइल छीनकर बनाया बंधक

छापेमारी और बंधक बनाने का घटनाक्रम:

  • आईडी कार्ड दिखाकर प्रवेश: तय योजना के तहत आरोपी फर्जी और असली सरकारी पहचान पत्र लहराते हुए कारोबारी के दफ्तर में अचानक दाखिल हुए।

  • कार्रवाई का खौफ: आरोपियों ने खुद को संयुक्त आयकर एवं क्राइम ब्रांच की टास्क फोर्स बताकर सभी कर्मचारियों को डराया-धमकाया।

  • अपहरण का प्रयास: आरोपियों ने कार्यालय के मुख्य द्वार अंदर से बंद कर दिए तथा कारोबारी, उनकी पत्नी और वहां कार्यरत 10 कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए। कारोबारी दंपति के अपहरण का प्रयास भी किया गया।

  • 1 करोड़ की जबरन वसूली: जेल भेजने और भारी जुर्माने की धमकी देकर मामले को रफा-दफा करने के एवज में 1 करोड़ रुपये कैश की मांग की गई।

⚖️ कारोबारी ने दिखाई सूझबूझ: अंधेरी पुलिस ने BNS की धाराओं में दर्ज किया मुकदमा

पुलिसिया कार्रवाई और एफआईआर:

  • थाने पहुंचे कारोबारी: किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर पीड़ित कारोबारी सीधे अंधेरी पुलिस स्टेशन पहुंचे और आपबीती साझा की।

  • गंभीर धाराओं में केस: पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया।

  • तकनीकी टीम सक्रिय: वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस की गई।

👮 2 असली आयकर कर्मियों समेत 10 आरोपी गिरफ्तार: पुलिस कर रही अग्रिम पूछताछ

गिरफ्तार आरोपियों का ब्योरा:

  • गिरफ्तार सदस्य: पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता संतोष खोपटकर के अलावा विनय रमेश मोरे (37), प्रेम किसन सबनानी (50), प्रज्ञा हरीश माईन (27), रेशमा शामराव वारंग (41) और सबीना हाफीज शेख (48) को विभिन्न ठिकानों से धर दबोचा।

  • सरकारी अफसरों की संलिप्तता: पूछताछ में पुष्टि हुई कि फर्जी रेड के दौरान आयकर विभाग में कार्यरत असली इंस्पेक्टर सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा (57) और टैक्स असिस्टेंट सुनील मनोहर गोरे (59) भी मौके पर मौजूद थे।

  • अग्रिम जांच जारी: पुलिस ने दोनों सरकारी कर्मचारियों को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है और अब गिरोह द्वारा पूर्व में की गई संभावित अन्य वारदातों का कच्चा-चिट्ठा खंगाला जा रहा है।