‘आरोपियों पर एक्शन नहीं, राहुल पर केस दर्ज’: जयराम रमेश बोले- 24 घंटे में साबित हो गया दलितों के साथ भेदभाव
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के उपरांत किए गए तथाकथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब उनके खिलाफ उत्तराखंड में SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सीधा हमला बोला है।
⚖️ ’24 घंटे में साबित हुआ भेदभाव’: जयराम रमेश ने उठाए कानूनी कार्रवाई पर सवाल
जयराम रमेश के बयान के प्रमुख बिंदु:
-
दलितों के अपमान का आरोप: जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दलितों के साथ होने वाले अन्याय, सामाजिक भेदभाव और अपमान का जो मुद्दा उठाया था, BJP और RSS ने 24 घंटे के भीतर उस पर मुहर लगा दी।
-
FIR को बताया सबूत: उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राहुल गांधी के विरुद्ध SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सच्चाई उजागर करने वालों की आवाज दबाई जा रही है।
🚫 शुद्धिकरण करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई नहीं: राहुल गांधी को बनाया गया निशाना
उत्तराखंड सरकार और प्रशासन पर आरोप:
-
छुआछूत का विरोध करने पर केस: जयराम रमेश ने उल्लेख किया कि राहुल गांधी ने उत्तराखंड में खरगे की सभा के बाद शुद्धिकरण के नाम पर फैलाई गई छुआछूत का विरोध किया था और इसमें संलिप्त भाजपा कार्यकर्ताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
-
दोहरा रवैया: उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की ‘डबल इंजन सरकार’ को यह सच स्वीकार नहीं हुआ, जिसके चलते मूल कृत्य करने वाले आरोपियों पर कोई कार्रवाई करने के बजाय न्याय मांग रहे राहुल गांधी के खिलाफ ही तत्काल FIR दर्ज कर दी गई।
📜 ‘संविधान से है परेशानी’: न्याय से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेगी कांग्रेस
संवैधानिक अधिकारों और न्याय की मांग:
-
संविधान को बदलने की मंशा: केंद्र और उत्तराखंड सरकार को घेरते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि यह वही सामंती मानसिकता है जिसके सामने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का संविधान सबसे बड़ी ढाल बनकर खड़ा है, इसलिए वे संविधान को कमजोर करना चाहते हैं।
-
कड़े एक्शन की मांग: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा प्रकरण मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास है। कांग्रेस अध्यक्ष के साथ छुआछूत और अपमान का कृत्य करने वालों पर जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।