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नूरपुरबेदी में डिवाइडर बने ‘मौत का फंदा’: न रिफ्लेक्टर न लाइटें, रात में टकरा रहे वाहन; स्थानीय लोगों व नेताओं में रोष

नूरपुरबेदी (पंजाब): कस्बे में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाए गए डिवाइडर अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी चिंता का सबब बन गए हैं।

नूरपुरबेदी शहर और कस्बा बैंस के मुख्य मार्ग पर बने इन डिवाइडरों पर न तो समुचित प्रकाश व्यवस्था (स्ट्रीट लाइट्स) की गई है और न ही दूर से चमकने वाली रिफ्लेक्टिव टेप या कैट-आई लगाई गई हैं। परिणामस्वरूप, रात के समय कम दृश्यता के कारण अनजान वाहन चालक डिवाइडर का सही अनुमान नहीं लगा पाते और सीधे उनसे टकरा जाते हैं, जिससे आए दिन सड़क हादसे घटित हो रहे हैं।

🚨 चौराहों से ब्लिंकिंग लाइटें और सुरक्षा उपकरण लंबे समय से गायब

सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी का विवरण:

  • ब्लिंकिंग लाइटों का अभाव: तख्तगढ़ कस्बा और नूरपुरबेदी शहर के प्रमुख चौराहों पर डिवाइडर के सिरों पर लगी चेतावनी ब्लिंकिंग लाइटें लंबे समय से नदारद हैं। इनमें से कई लाइटें सड़क दुर्घटनाओं में टूट चुकी हैं या सोलर पैनल लगे होने के कारण चोरी हो चुकी हैं।

  • लंबी घास और गायब कैट-आई: डिवाइडरों के दोनों किनारों पर लंबी-लंबी घास व झाड़ियां उग आई हैं। वहीं धुंध व कोहरे में रास्ता दिखाने वाली ‘कैट आई’ (रोड स्टड्स) भी गायब हैं, जिससे रात के समय हादसों का जोखिम कई गुना बढ़ गया है।

📢 ‘सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी’: राजनीतिक दलों और समाजसेवियों ने उठाए सवाल

विभिन्न नेताओं और संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया:

  • भाजपा नेता इशूपाल चौधरी: डिवाइडर बनाते समय सुरक्षा मानकों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। चेतावनी बोर्ड, कैट आई और रिफ्लेक्टर न होने से लगातार हादसे हो रहे हैं। विभाग सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठा है।

  • संयुक्त किसान मोर्चा (धर्मपाल सैनी): सड़क सुरक्षा केवल कंक्रीट का निर्माण नहीं है। उचित संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और चेतावनी उपकरण भी उतने ही जरूरी हैं। डिवाइडरों पर सोलर लाइट्स और रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य रूप से लगाई जानी चाहिए।

  • पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बरिंदर ढिल्लों: 4 वर्षों में डिवाइडर पर सिर्फ रंग-रोगन किया गया है। यदि सरकार के पास फंड की कमी है, तो पीर बाबा जिंदा शहीद जी के फंड का इस्तेमाल कर दोनों तरफ स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं ताकि हादसों पर लगाम लग सके।

🛑 शहरवासियों ने की त्वरित निरीक्षण की मांग: प्रशासन को दी चेतावनी

स्थानीय निवासियों का पक्ष:

  • तत्काल ऑडिट की मांग: स्थानीय दुकानदारों, समाजसेवियों और नागरिकों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि सभी डिवाइडरों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट व निरीक्षण कराया जाए।

  • हादसे से पहले कदम उठाने की अपील: लोगों का कहना है कि किसी बड़े जानलेवा हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को समय रहते सभी जरूरी सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने चाहिए।

🛠️ ‘सड़क का कार्य युद्धस्तर पर जारी, जल्द दूर होंगी कमियां’: जे.ई. गुरदयाल सिंह गोल्डी

विभागीय पक्ष और आगामी कार्ययोजना:

  • मार्ग निर्माण अंतिम चरण में: लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) गुरदयाल सिंह गोल्डी ने स्पष्ट किया कि नूरपुरबेदी-रूपनगर मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

  • मरम्मत व नई लाइटों का भरोसा: निर्माण कार्य पूर्ण होते ही डिवाइडरों की सभी तकनीकी कमियों को दूर कर दिया जाएगा। स्कूलों के सामने मानक स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे तथा क्षतिग्रस्त व चोरी हुई ब्लिंकिंग लाइटों को पुनः स्थापित किया जाएगा।