फरीदाबाद (हरियाणा): फरीदाबाद के थाना धौज क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति से जबरन शादी का दबाव बनाने और करीब तीन लाख रुपये में बेचने के प्रयास का विरोध करने पर एक महिला के साथ घोर अमानवीय बर्बरता की गई।
महिला के विरोध करने पर आरोपियों ने उसके ऊपर खौलता हुआ पानी उड़ेल दिया और उसे लगभग तीन दिनों तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए धौज थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी ललिता और उसके पति धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
⛓️ 3 लाख रुपये में बेचने और बुजुर्ग से शादी कराने का बना रहे थे दबाव
वारदात की पृष्ठभूमि और पीड़िता के आरोप:
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जबरन शादी का दबाव: पीड़िता प्रीति का आरोप है कि आरोपी ललिता और उसका पति धर्मेंद्र उस पर एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ जबरन विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे थे।
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बेचने की साजिश: पीड़िता के अनुसार, उसे करीब तीन लाख रुपये की मोटी रकम के एवज में उस बुजुर्ग को सौंपने (बेचने) की साजिश रची जा रही थी।
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विरोध पर जानलेवा हमला: जब प्रीति ने इस अनैतिक और अवैध दबाव का कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों ने गुस्से में आकर उस पर उबलता हुआ गर्म पानी फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई।
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तीन दिन तक बंधक: झुलसने के बाद भी आरोपियों ने उसे कोई चिकित्सीय सहायता नहीं दी, बल्कि तीन दिन तक कमरे में बंद रखा।
🏠 पति से विवाद के बाद देवरानी की मां के घर रह रही थी पीड़िता
पारिवारिक पृष्ठभूमि और पुलिस जांच के तथ्य:
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विवाह और मनमुटाव: पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, पीड़िता प्रीति की शादी करीब ढाई वर्ष पूर्व गड्ढा कॉलोनी निवासी रोहित के साथ हुई थी।
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अलग रहने की वजह: पिछले करीब दो महीनों से पति के साथ चल रहे पारिवारिक मनमुटाव के कारण प्रीति अपनी देवरानी की मां (ललिता) के घर पर शरण लिए हुए थी।
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घरेलू विवाद: पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि शादी के दबाव के अलावा घर के दैनिक कामकाज में हाथ न बंटाने को लेकर भी ललिता और प्रीति के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।
👮 पुलिस ने दोनों आरोपियों को भेजा जेल, सख्त कानूनी धाराओं में कार्रवाई जारी
प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई का विवरण:
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आरोपियों की गिरफ्तारी: मामले की गंभीरता और बर्बरता को देखते हुए धौज थाना पुलिस ने फौरन दबिश देकर ललिता और उसके पति धर्मेंद्र को हिरासत में ले लिया।
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अस्पताल में उपचार: पुलिस की मदद से पीड़िता को तत्काल मेडिकल जांच और समुचित उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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कड़ी कानूनी कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।