मसूरी (उत्तराखंड): पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश आम जनजीवन के लिए भारी आफत बन गई है। मसूरी-कैंपटी रोड स्थित सांझा दरबार के समीप अचानक हुए भीषण भूस्खलन की चपेट में आने से एक आवासीय मकान और उससे सटी दुकान पूरी तरह जमींदोज हो गई। समय रहते खतरे को भांपते हुए परिवार के सदस्यों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। हालांकि, देखते ही देखते उनकी आंखों के सामने उनकी जिंदगी भर की पूंजी और आशियाना मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। बेघर हुए पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने शासन-प्रशासन से त्वरित पुनर्वास व आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
🏃 जमीन खिसकते ही घर से बाहर भागा परिवार, मलबे में दबा गृहस्थी का सारा सामान
घटनाक्रम और बाल-बाल बची जान का विवरण:
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खतरे का पूर्वाभास: देर रात परिवार को पहाड़ी की जमीन खिसकने और दीवारों में कंपन का आभास हुआ, जिसके बाद सभी सदस्य बिना देरी किए तुरंत खुले स्थान की ओर भागे।
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चंद मिनटों में तबाही: परिजनों के बाहर निकलते ही भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर मकान पर आ गिरे, जिससे पूरी इमारत भरभराकर गिर गई।
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सामान हुआ नष्ट: घर और दुकान में रखा राशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और दैनिक उपयोग का सारा सामान मलबे में दबकर पूरी तरह बर्बाद हो गया।
💔 ‘मेहनत की कमाई से बना आशियाना उजड़ा’: पीड़ित परिवार ने लगाई आर्थिक मदद की गुहार
परिवार के सामने आवास और आजीविका का संकट:
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आजीविका का साधन छिना: घर के साथ दुकान के भी नष्ट हो जाने से परिवार के सामने सिर छिपाने की छत के साथ-साथ रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
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प्रशासन से अपील: भावुक परिजनों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा ने उनसे सब कुछ छीन लिया है, अब सरकार की त्वरित आर्थिक सहायता और सुरक्षित आवास के जरिए ही उनका जीवन दोबारा पटरी पर लौट सकता है।
🏛️ कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने लिया संज्ञान, SDM को दिए तुरंत मुआवजे के निर्देश
प्रशासनिक अमले की मौके पर कार्रवाई:
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मंत्री का निर्देश: घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी के एसडीएम राहुल आनंद को आपदा प्रबंधन मानकों के तहत पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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मौका मुआयना: एसडीएम के निर्देश पर राजस्व व प्रशासनिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मलबे और नुकसान का विस्तृत आंकलन किया तथा प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
⚠️ पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का बढ़ा जोखिम, संवेदनशील स्थलों पर निगरानी की मांग
स्थानीय नागरिकों की चिंता और सुरक्षा सुझाव:
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लगातार बारिश से खतरे: स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण मसूरी और आसपास के ढलानों पर भूस्खलन का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है।
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पुख्ता सुरक्षा की मांग: नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी की जाए और सुरक्षात्मक इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में जान-माल के बड़े नुकसान से बचा जा सके।