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‘राहुल गांधी को छपास और चिपकू रोग हो गया है’: धरने पर बैठे राहुल पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज का तीखा हमला

चंडीगढ़ (हरियाणा): हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पुराने मुद्दों को लेकर धरने पर बैठने को लेकर जोरदार राजनीतिक हमला बोला है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लगातार मीडिया में बने रहने की आदत हो गई है। वे चाहते हैं कि रोजाना अखबारों में उनका नाम छपे और वे टीवी स्क्रीन पर दिखाई देते रहें। मंत्री विज ने आरोप लगाया कि जिस काम को सीधे और कानूनी तरीके से सुलझाया जा सकता है, कांग्रेस और राहुल गांधी उसे तमाशा और नौटंकी का रूप देने का प्रयास करते हैं।

⚖️ ‘सुप्रीम कोर्ट पहले ही गठित कर चुका है 5 सदस्यीय जांच कमेटी’

मामले की कानूनी स्थिति और सुप्रीम कोर्ट का हवाला:

  • उच्चस्तरीय जांच दल: मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी जिस विषय को लेकर विरोध-प्रदर्शन और धरने पर बैठे हैं, उस पर देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) पहले ही 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच दल का गठन कर चुकी है।

  • पूर्व जज की अध्यक्षता: इस जांच कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस को न्यायिक प्रक्रिया और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखना चाहिए।

  • कानूनी प्रावधान: उन्होंने कहा कि कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि स्थानीय पुलिस द्वारा किसी मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की जाती, तो नागरिक सीधे न्यायालय की शरण लेकर परिवाद दाखिल कर सकते हैं।

🔥 ‘देश में अराजकता फैलाने की कोशिश’: कांग्रेस के इतिहास पर साधा निशाना

विभाजन और दंगों का उल्लेख करते हुए गंभीर आरोप:

  • अराजकता का आरोप: ऊर्जा मंत्री ने कांग्रेस पार्टी की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्षी दल का मुख्य एजेंडा देश के भीतर अव्यवस्था और अराजकता का माहौल तैयार करना है।

  • ऐतिहासिक संदर्भ: उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सिख दंगों से पेट नहीं भरा और विभाजन के समय लाखों निर्दोषों की जान जाने के बाद भी उनकी प्रवृत्ति नहीं बदली है।

  • सड़कों पर टकराव की राजनीति: विज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चाहती है कि लोग सामान्य मुद्दों को छोड़कर सड़कों पर उतरकर आपस में टकराव और मारकाट की स्थिति पैदा करें, जिसे देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।