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प्रयागराज में भारी बारिश से हाहाकार: सड़कों पर भरा पानी, जलभराव पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त; DM और नगर आयुक्त तलब

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश): संगम नगरी प्रयागराज में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख और निचले इलाकों में पिछले तीन दिनों से गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

दर्जनों सड़कें और गलियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं, जबकि कई मोहल्लों में बारिश का गंदा पानी लोगों के घरों के भीतर घुस गया है। जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों को रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों तथा आवागमन के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई रिहायशी इलाकों में जल निकासी का उचित प्रबंध न होने से लोग अपने घरों से बाल्टियों के जरिए खुद पानी निकालने को मजबूर हैं।

⚠️ नालों की सफाई न होने का आरोप, स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश

शहरवासियों द्वारा नगर निगम और स्थानीय प्रशासन पर उठाए गए सवाल:

  • नालों की सफाई में लापरवाही: स्थानीय नागरिकों का खुला आरोप है कि मानसून से पहले नालों और ड्रेनेज सिस्टम की पर्याप्त सफाई नहीं कराई गई, जिसके चलते पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई।

  • कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था: नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दिनों में शहर में ऐसे ही बदहाल हालात पैदा होते हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता।

  • संक्रामक बीमारियों का खतरा: घरों और सड़कों पर कई दिनों से जमा गंदे पानी के कारण स्थानीय लोगों में मौसमी व जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।

🎙️ मेयर गणेश केसरवानी का विवादित बयान: ‘ऐसी स्थिति में अमेरिका-रूस भी बह जाते हैं’

जलभराव संकट के बीच नगर निगम के महापौर के बयान पर सियासी हलचल तेज हो गई है:

  • प्राकृतिक आपदा का हवाला: जलभराव पर सवाल पूछे जाने पर प्रयागराज के बीजेपी मेयर गणेश केसरवानी ने नगर निगम की तैयारियों का बचाव करते हुए इसे अत्यधिक बारिश और प्राकृतिक आपदा करार दिया।

  • विवादित टिप्पणी: मेयर गणेश केसरवानी ने कहा कि जब इस प्रकार की भीषण प्राकृतिक परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं, तो अमेरिका और रूस जैसे विकसित देश भी बह जाते हैं।

  • विपक्ष का हमला: मेयर के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान के बाद विपक्ष और आम जनता ने नगर निगम के मानसून पूर्व दावों की पोल खोलते हुए तीखा हमला बोलना शुरू कर दिया है।

🚜 पंप लगाकर पानी निकालने में जुटा प्रशासन, ग्राउंड पर तैनात की गईं टीमें

नगर निगम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत कार्य:

  • पंपिंग सेटों की तैनाती: प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जलभराव से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में भारी क्षमता वाले पंप लगाकर पानी को तेजी से बाहर निकालने का कार्य निरंतर जारी है।

  • कर्मचारियों की तैनाती: नगर निगम की टीमें विभिन्न मोहल्लों में जल निकासी के अवरोधों को हटाने और नालों के मुहाने साफ करने के लिए मुस्तैद की गई हैं।

  • तैयारियों पर सवाल: हालांकि, तीन दिनों तक पानी न निकल पाने के कारण प्रशासन के आपदा प्रबंधन तंत्र पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

⚖️ इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, डीएम और नगर आयुक्त को किया तलब

न्यायिक स्तर पर प्रशासन की खिंचाई:

  • अदालत की सख्ती: प्रयागराज में विकराल होती जलभराव की समस्या पर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय (High Court) ने सख्त रुख अपनाया है और गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

  • जवाबदेही तय: हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रयागराज के जिलाधिकारी (DM) और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब किया है।

  • रोडमैप पेश करने का आदेश: अदालत के समक्ष अब जिला प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि जल निकासी की पूर्व तैयारियां क्या थीं और भविष्य में शहर को जलभराव मुक्त बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।