लखीसराय: अशोकधाम हॉल्ट पर करंट की अफवाह से मची भगदड़, 8 श्रद्धालुओं ने तोड़ा दम; DM ने स्पष्ट की स्थिति
लखीसराय (बिहार): बिहार के लखीसराय जिले के सुप्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोकधाम के समीप सोमवार सुबह सावन की तीसरी सोमवारी के पावन अवसर पर एक बड़ा और हृदयविदारक हादसा घटित हुआ।
मंदिर में जलाभिषेक, दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए भोर से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान अशोकधाम हॉल्ट के समीप अचानक मची भारी अफरा-तफरी और भगदड़ में दबने से 8 महिला श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
⚡ करंट नहीं, भगदड़ में दम घुटने और दबने से हुई मौतें: जिला प्रशासन
प्रारंभिक सूचनाओं में हादसे का कारण 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार के टूटने और करंट फैलने को बताया जा रहा था, परंतु बाद में जिला प्रशासन ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर स्थिति स्पष्ट की।
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और अपर समाहर्ता (एडीएम) नीरज कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की मृत्यु करंट लगने से नहीं, बल्कि अचानक मची भगदड़ में नीचे दबने और दम घुटने से हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के मद्देनजर घटना के समय क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूर्व से ही बंद रखी गई थी और सभी बिजली के तार पूरी तरह कवर्ड थे।
🚆 एक साथ दो ट्रेनों के आने और करंट की अफवाह से फैली दहशत
प्रशासनिक जांच के प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, सोमवार सुबह अशोकधाम हॉल्ट पर एक ही समय में दोनों दिशाओं (अप और डाउन) से ट्रेनें पहुंचीं।
प्लेटफॉर्म व ट्रैक के पास ट्रेनों को अचानक आते देख वहां उपस्थित कुछ युवकों ने तेजी से भागना शुरू कर दिया। युवकों की इसी अनियंत्रित दौड़-भाग के दौरान रेलवे व विद्युत व्यवस्था से जुड़ा एक पोल नीचे गिर पड़ा। पोल गिरते ही भीड़ में ‘करंट फैलने’ की भ्रामक अफवाह तेजी से फैल गई। अफवाह के कारण श्रद्धालुओं में अत्यधिक दहशत फैल गई और जान बचाने की होड़ में लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे भयावह भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।
🚑 प्रशासनिक अमला मौके पर तैनात, युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
स्थानीय नागरिकों के सहयोग से तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया और एंबुलेंस के जरिए सभी घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों व सदर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासनिक टीमें मृतकों की शिनाख्त कराने और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने में जुटी हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर, हॉल्ट और मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
🔍 भीड़ प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल, हादसे की विस्तृत जांच के आदेश
सावन मास के चलते अशोकधाम धाम में लाखों की संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का आवागमन हो रहा था।
ऐसे में हॉल्ट और मंदिर परिधि में भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) और सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं, ताकि उन परिस्थितियों और कारणों की जवाबदेही तय की जा सके जिनके चलते अफवाह फैली और यह दुखद हादसा हुआ।