देशभर में मानसून हुआ ‘सुपर एक्टिव’: दिल्ली-एनसीआर से यूपी-बिहार और मध्य प्रदेश तक मूसलाधार बारिश, IMD का रेड-ऑरेंज अलर्ट
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर समेत भारत के विभिन्न राज्यों में इन दिनों मानसून ‘सुपर एक्टिव’ मोड में नजर आ रहा है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर और मध्य भारत तक अनवरत बारिश का दौर जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तटीय क्षेत्रों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक मूसलाधार वर्षा हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर देश में मानसून और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है। विभाग ने देश के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरने) और तेज अंधड़ की चेतावनी जारी की है।
🌧️ दिल्ली-एनसीआर में 16 अगस्त तक राहत के आसार नहीं, येलो अलर्ट के बीच बारिश का दौर जारी
राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में बारिश का सिलसिला निरंतर जारी है।
मौसम विभाग ने आज भी दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक, दिनभर रुक-रुक कर बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जिससे लोगों को 16 अगस्त तक उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी लेकिन जलभराव से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
🌊 यूपी के बुंदेलखंड से बिहार के तराई क्षेत्रों तक मूसलाधार बारिश, नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में तेज गरज और चमक के साथ बारिश का दौर जारी है।
विशेष रूप से बुंदेलखंड और दक्षिण-पश्चिमी यूपी के जिलों—आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, बिहार के तराई वाले जिलों में कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
🌀 राजस्थान और मध्य प्रदेश में चक्रवातीय तंत्र सक्रिय, गुजरात में भी बिगड़ेगा मौसम का मिजाज
पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण अगले 48 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है।
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, आगर-मालवा, देवास, मंदसौर, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर और शाजापुर जिलों में तेज हवाओं के साथ वज्रपात और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा गुजरात के छोटा उदेपुर, दाहोद, नर्मदा और पंचमहल जिलों में भी मूसलाधार बारिश का मिजाज देखा जा सकता है।
🌊 पूर्वोत्तर भारत में आफत बनी मूसलाधार बारिश, असम में ब्रह्मपुत्र उफान पर तो मिजोरम-नागालैंड में लैंडस्लाइड
पूर्वोत्तर के राज्यों—असम, मिजोरम, त्रिपुरा और नागालैंड में लगातार हो रही मूसलाधार बरसात के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।
असम में ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने के कारण कई तटीय गांव जलमग्न हो चुके हैं। वहीं मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा के पहाड़ी क्षेत्रों में अनवरत बारिश से भूस्खलन (Landslide) की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे यातायात और संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हुए हैं।
🏔️ पहाड़ी इलाकों में बादल फटने की आशंका, हिमाचल और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से सड़कें बंद
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बेहद संवेदनशील बना हुआ है।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और देहरादून जिलों में बादल फटने और भारी बारिश की तीव्र संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। उधर, हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू और मनाली में जगह-जगह भूस्खलन होने से कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।