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धमतरी में एक्शन मोड में प्रशासन: कलेक्टर के निर्देश पर स्कूल बसों की चेकिंग, 2 बिना परमिट बसों पर लगा जुर्माना

धमतरी (छत्तीसगढ़): धमतरी जिले में स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क व गंभीर नजर आ रहा है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में गुरुवार को जिला परिवहन विभाग ने जिले भर में संचालित स्कूल बसों का आकस्मिक एवं विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान अनेक स्कूल वाहनों का बारीकी से तकनीकी व कागजी निरीक्षण किया गया। जांच में दो स्कूल बसें बिना वैध परमिट के संचालित होती पाई गईं, जिन पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग ने कुल 10 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) आरोपित किया।

📋 परमिट, फिटनेस, GPS और स्पीड गवर्नर समेत सभी सुरक्षा मानकों की हुई गहन जांच

जिला परिवहन अधिकारी के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने बसों के समस्त अनिवार्य दस्तावेजों का सूक्ष्मता से सत्यापन किया।

बसों के वैध परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC), अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher), फर्स्ट एड किट, इमरजेंसी एग्जिट, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरे एवं जीपीएस प्रणाली सहित सुप्रीम कोर्ट तथा राज्य सरकार द्वारा तय सुरक्षा मानकों का सघन निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि वाहन निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं या नहीं।

🛑 2 बिना परमिट बसों पर ₹10,000 जुर्माना, RTO ने बस संचालकों को दी कठोर कार्रवाई की चेतावनी

जांच अभियान के दौरान जिन दो बसों के पास वैध परमिट उपलब्ध नहीं मिला, उनके विरुद्ध मोटर यान अधिनियम (Motor Vehicles Act) की प्रासंगिक धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई।

अधिकारियों ने समस्त स्कूल बस संचालकों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि भविष्य में यदि बिना आवश्यक व वैध दस्तावेजों के किसी भी स्कूल वाहन का संचालन किया गया, तो वाहनों को जब्त करने के साथ-साथ और अधिक कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

🏫 “बच्चों की सुरक्षित यात्रा संचालकों की पहली जिम्मेदारी”: कलेक्टर अबिनाश मिश्रा

जिला प्रशासन का स्पष्ट मत है कि स्कूल बसों में दैनिक यात्रा करने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि स्कूल बस संचालकों की जिम्मेदारी केवल बच्चों को गंतव्य तक पहुंचाना मात्र नहीं है, अपितु उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना भी है। सभी संचालकों को परिवहन विभाग के नियमों का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य होगा। बिना परमिट या फिटनेस के वाहनों का संचालन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

📢 परिवहन विभाग के अधिकारियों को नियमित जांच के निर्देश, अभिभावकों से भी की गई सहयोग की अपील

कलेक्टर ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले के समस्त शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों का नियमित अंतराल पर निरीक्षण जारी रखा जाए।

जहाँ भी नियमों की अवहेलना पाई जाए, वहाँ तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, अपितु बच्चों की सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार करना है। इसके अतिरिक्त, परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी स्कूल बस में सुरक्षा संबंधी कोई त्रुटि दिखे या वाहन बिना वैध दस्तावेजों के चलता नजर आए, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें।