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बस्तर में मानसून के साथ बढ़ा आई फ्लू का कहर! 1 महीने में 600 से ज्यादा मरीज, जानिए CMHO की क्या है सलाह

जगदलपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में मानसूनी वर्षा के साथ ही आई फ्लू (Eye Flu) यानी कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) बीमारी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।

विगत एक माह के भीतर जिले में 600 से अधिक नागरिक इस नेत्र संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। जगदलपुर स्थित महारानी अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज डिमरापाल की ओपीडी (OPD) में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज अपनी आंखों के उपचार हेतु पहुँच रहे हैं।

🏥 महारानी अस्पताल व डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में रोज पहुँच रहे 4 से 5 नए मरीज

बस्तर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय बसाक ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि वर्षा ऋतु के दौरान आर्द्रता बढ़ने से कंजंक्टिवाइटिस के मामलों में वृद्धि होती है।

वर्तमान में प्रतिदिन महारानी अस्पताल एवं डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में औसतन 4 से 5 नए मरीज इलाज कराने पहुँच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थिति पर निरंतर दृष्टि रखी जा रही है।

🕶️ संक्रमण से बचाव हेतु गॉगल्स पहनें और परिजनों से बनाएं दूरी: CMHO बस्तर

CMHO डॉ. संजय बसाक ने परामर्श देते हुए कहा कि जो लोग आई फ्लू से पीड़ित हैं, वे घर के अन्य सदस्यों से दूरी बनाकर रखें तथा काले चश्मे (Goggles) का निरंतर प्रयोग करें।

अपनी आंखों को स्वच्छ जल से साफ करें तथा चिकित्सकों के निर्देशानुसार समय-समय पर जांच कराकर दवाइयों का सेवन करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के समस्त ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों (BMO), आई सर्जनों तथा संबंधित पैरामेडिकल स्टाफ को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि आई फ्लू के मरीजों का प्राथमिक स्तर पर उपचार कर उनकी प्रॉपर काउंसलिंग की जाए।

👁️ जानिए क्या है आई फ्लू या कंजंक्टिवाइटिस और इसके प्रमुख लक्षण

वर्षा काल में वातावरण में बढ़ी हुई नमी और धूल-मिट्टी के कणों के कारण आंखों में वायरल और बैक्टीरिया जनित संक्रमण तेजी से फैलता है।

कंजंक्टिवाइटिस आंख की बाहरी पारदर्शी झिल्ली (Conjunctiva) में होने वाला एक संक्रामक रोग है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से प्रसारित हो सकता है। उचित चिकित्सकीय परामर्श और स्वच्छता का ध्यान रखने पर यह रोग 7 से 15 दिनों के भीतर पूर्णतः ठीक हो जाता है।

⚠️ घरेलू नुस्खों से बचें, लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं डॉक्टर से जांच

विशेषज्ञों के अनुसार, आई फ्लू कोई भयावह बीमारी नहीं है, परंतु समय पर उपचार न कराने या असत्यापित घरेलू उपचार आजमाने से आंखों का संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।

यदि आपकी आंखें लाल हो रही हों, पानी आ रहा हो, चुभन अथवा जलन महसूस हो रही हो, तो घरेलू नुस्खों के स्थान पर तत्काल नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से परामर्श लेकर नियमित ड्रॉप्स का प्रयोग करें।