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JPSC विवाद पर बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर कांग्रेस का करारा पलटवार, ऋषिकेश सिंह बोले—’भ्रष्टाचार भाजपा की देन’

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा संवाददाता सम्मेलन कर 14वीं JPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य की महागठबंधन सरकार पर लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि जिस भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में JPSC में खुलेआम भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और पैसों के बल पर नियुक्तियों की गलत परंपरा शुरू हुई, उसी भाजपा के नेता आज नैतिकता और पारदर्शिता का ढोंग कर रहे हैं। वे झारखंड की जनता की याददाश्त को कमजोर समझने की बड़ी भूल कर रहे हैं।

⚖️ ‘1st से 6th JPSC तक भ्रष्टाचार और विवादों की भेंट चढ़ीं परीक्षाएं’, कई अधिकारी पहुंचे जेल

कांग्रेस प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि जब-जब राज्य में भाजपा की सरकार रही और JPSC परीक्षाएं आयोजित हुईं, तब-तब वे भ्रष्टाचार, धांधली और अदालती विवादों की भेंट चढ़ती रहीं।

प्रथम, द्वितीय, तृतीय और छठी JPSC परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं, खुले पक्षपात और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इन मामलों में लंबी न्यायिक प्रक्रिया चली और उस दौर के कई दोषी अधिकारी आज सलाखों के पीछे (जेल में) पहुंच चुके हैं। यह काला इतिहास झारखंड की जागरूक जनता आज तक भूली नहीं है।

🏛️ ‘नैतिकता का पाठ न पढ़ाएं बाबूलाल मरांडी, पहले अपने शासनकाल का दें हिसाब’

ऋषिकेश सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा शासन के दौरान JPSC का मतलब मेधावी प्रतिभा नहीं, बल्कि सत्ता से नजदीकी, बड़े नेताओं व अधिकारियों के रिश्तेदारों और पैसे वालों की सीधी पहुंच बन गया था। उस दौर में योग्य और दिन-रात मेहनत करने वाले युवाओं के सपनों के साथ क्रूर खिलवाड़ किया गया। आज बाबूलाल मरांडी उसी पूरी भ्रष्ट व्यवस्था को भुलाकर नैतिकता का पाठ पढ़ाने का ढोंग कर रहे हैं, जबकि उन्हें सबसे पहले अपने शासनकाल में हुए घोटालों का हिसाब जनता को देना चाहिए।

🔍 ‘शिकायतें मिलते ही एक्शन में आई हेमंत सरकार’, निष्पक्ष जांच से दिया भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार ने JPSC में सामने आई शिकायतों को दबाने या लीपापोती करने का काम कभी नहीं किया।

इसके उलट, सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की और यह स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं मिलेगा। यही पूर्ववर्ती भाजपा सरकार और वर्तमान गठबंधन सरकार की कार्यशैली के बीच का सबसे बड़ा और बुनियादी अंतर है।

⚠️ ‘जनता के बीच भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है भाजपा’

ऋषिकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान में भाजपा के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई भी जनहित या सकारात्मक मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए वह हर संवेदनशील विषय पर भ्रम फैलाकर केवल राजनीतिक लाभ लेने का असफल प्रयास कर रही है।

लेकिन सच्चाई यह है कि JPSC की संवैधानिक साख और विश्वसनीयता को सबसे अधिक नुकसान भाजपा के शासनकाल में ही पहुंचा था। जिन लोगों ने आयोग की गरिमा को पूरी तरह धूमिल किया, वे ही आज युवाओं के झूठे हितैषी बनने का नाटक कर रहे हैं।

❓ ऋषिकेश सिंह ने बाबूलाल मरांडी से दागे चुभते सवाल, मांगे इन गंभीर बातों के जवाब

ऋषिकेश सिंह ने बाबूलाल मरांडी को सलाह दी कि वे सरकार पर बेबुनियाद आरोप मढ़ने के बजाय पहले राज्य की जनता को इन सवालों के जवाब दें:

  • उनके शासनकाल में JPSC में भ्रष्टाचार और धांधली के मामले बार-बार क्यों सामने आए?

  • मेधावी और योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ क्यों हुआ?

  • आखिर उस दौर के प्रशासनिक अधिकारी भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में जेल तक कैसे पहुंचे?

झारखंड की जनता आज बाबूलाल मरांडी और भारतीय जनता पार्टी से इन बुनियादी सवालों का पारदर्शी जवाब चाहती है।