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EPS Pension Hike: क्या 1000 से बढ़कर 7500 रुपये होगी न्यूनतम पेंशन? लोकसभा में सरकार ने दिया ये जवाब

नई दिल्ली: प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की पुरानी मांग एक बार फिर संसद में गूंजी है। लोकसभा में सरकार से यह सीधा सवाल पूछा गया कि क्या न्यूनतम मासिक पेंशन को मौजूदा 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये किया जाएगा? इस अहम सवाल पर श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सरकार के पास विभिन्न ट्रेड यूनियनों और अन्य हितधारकों की ओर से पेंशन बढ़ाने की लगातार मांगें आ रही हैं, लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई भी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

सरकार दे रही है बजटीय सहायता, वित्तीय स्थिति का आकलन जरूरी

श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने लोकसभा में बताया कि केंद्र सरकार अभी भी EPS-95 के पात्र पेंशनभोगियों को कम से कम 1,000 रुपये की मासिक पेंशन सुनिश्चित करने के लिए अपनी ओर से बजटीय सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्यों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हालांकि, पेंशन नियमों या राशि में किसी भी तरह के संशोधन से पहले पेंशन फंड की वर्तमान वित्तीय स्थिति और भविष्य की देनदारियों (Liabilities) का गहराई से आकलन करना बेहद जरूरी है।

पिछले 12 वर्षों से नहीं बढ़ी है पेंशन की राशि

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में ईपीएस (EPS) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को 250 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया था। लेकिन, इसके बाद पिछले 12 वर्षों में इस न्यूनतम राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इससे पहले, श्रम मंत्रालय ने वर्ष 2020 में न्यूनतम पेंशन को 2,000 रुपये करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा था, जिसे उस वक्त मंजूरी नहीं मिल सकी थी।

संसदीय समिति भी कर चुकी है 7,500 रुपये करने की सिफारिश

आपको बता दें कि न्यूनतम पेंशन की राशि को लेकर संसद की एक स्थायी समिति (Standing Committee) ने भी अपनी रिपोर्ट में इसे बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की पुरजोर सिफारिश की है। बावजूद इसके, पेंशनभोगियों की इस अहम मांग पर अब तक कोई अंतिम फैसला होना बाकी है, जिससे लाखों प्राइवेट कर्मचारियों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।