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ट्विशा शर्मा केस: एम्स दिल्ली की फॉरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, गर्दन के निशानों से मेल खाती है ‘जिम्नास्टिक बेल्ट’

भोपाल में सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में दिल्ली एम्स (AIIMS) के फॉरेंसिक बोर्ड ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। सीबीआई को सौंपी गई अंतिम फॉरेंसिक राय के अनुसार, कथित फंदे के रूप में इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक बेल्ट पर ‘स्किन टिश्यू’ (त्वचा के ऊतक) पाए गए हैं। यह वैज्ञानिक साक्ष्य सीधे तौर पर ट्विशा की गर्दन पर मिले चोट के निशानों और पैटर्न से मेल खाता है।

🔍 शुरुआती पोस्टमार्टम पर उठे थे सवाल

इस केस में सबसे बड़ा रहस्य यही था कि क्या धातु के छल्ले वाली जिम्नास्टिक बेल्ट से ही फंदा लगाया गया था? भोपाल में हुए पहले पोस्टमार्टम के दौरान वह बेल्ट मेडिकल बोर्ड के सामने पेश ही नहीं की गई थी, जिससे पहली रिपोर्ट अस्पष्ट थी। इसी कारण परिजनों ने जांच पर गंभीर सवाल उठाए थे और न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

📑 CBI को सौंपी गई 11 पन्नों की सीलबंद रिपोर्ट

हाईकोर्ट के आदेश पर एम्स के पांच फॉरेंसिक डॉक्टरों के विशेष बोर्ड ने 24 मई 2026 को दूसरा पोस्टमार्टम किया और क्राइम सीन का बारीकी से मुआयना किया। इसके बाद 10 जुलाई 2026 को एम्स ने 11 पन्नों की अपनी अंतिम विस्तृत रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। रिपोर्ट के साथ दूसरे पोस्टमार्टम की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के तौर पर दी गई है।

⚖️ “न्याय के लिए निर्णायक है यह राय” – डॉ. सुधीर गुप्ता

एम्स दिल्ली के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए करीब एक महीने तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं का गहन अध्ययन किया। डॉ. गुप्ता ने इसे सीबीआई और न्यायपालिका के लिए ‘स्पष्ट, सटीक और निर्णायक’ राय बताया है।

🛑 क्या है पूरा मामला?

12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में फंदे से लटकी पाई गई थीं। परिजनों द्वारा पुलिस जांच पर सवाल उठाने के बाद हाईकोर्ट ने मामले को सीबीआई को सौंप दिया और दिल्ली एम्स से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का ऐतिहासिक आदेश दिया था। अब यह फॉरेंसिक रिपोर्ट इस हाई-प्रोफाइल मामले में सच सामने लाने के लिए सीबीआई के पास एक ‘ब्रह्मास्त्र’ की तरह काम करेगी।