ब्रेकिंग
Mann Ki Baat: 'हरगिला चिड़िया' बनी असम के गांवों की पहचान; PM मोदी ने की 'हरगिला सेना' की जमकर तारीफ स्वच्छ यमुना अभियान: सीएम रेखा गुप्ता का श्रमदान, कहा- "अब यमुना में नहीं गिरेगा बिना ट्रीटमेंट वाला... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स की नेशनल असेंबली में बोले पीएम मोदी; 'भारत और सेशेल्स को जोड़ता है... Waqf Amendment Act: वक्फ संपत्तियों को कानूनी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज; 30 जून तक पूरा करें रिक... Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की बड़ी मॉक र... हरिद्वार: बीमार पत्नी की संदिग्ध मौत का खुलासा, दवा के नाम पर जहर देकर की पति ने हत्या Jabalpur Crime News: फेसबुक पर हिंदू नाम रखकर की दोस्ती, फिर धर्म परिवर्तन और तस्करी की कोशिश; मामला... खंडवा: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला, 8 वनकर्मी घायल; वर्दी फाड़ने और पथराव का वीडियो वा... Muzaffarpur Crime News: अवैध संबंध के शक में छोटे भाई ने की बड़े भाई की हत्या, जांता से कुचलकर उतारा... Delhi E-Office System: दिल्ली सरकार में ई-ऑफिस का एक साल पूरा; फाइलों का निस्तारण हुआ तेज और पारदर्श...

Faridabad News: विकास कार्यों में देरी पर बड़ा एक्शन; वार्ड-16 में काम न शुरू कराने पर एक्सईएन महेंद्र सिंह निलंबित

फरीदाबाद: नगर निगम के एक्सईएन (XEN) महेंद्र सिंह को वार्ड-16 में विकास कार्यों में भारी लापरवाही बरतने के आरोप में हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि अगले 7 दिनों के भीतर अधिकारी के खिलाफ पूरी चार्जशीट तैयार कर विभाग को भेजी जाए।

🏗️ 1.81 करोड़ का बजट, फिर भी काम बंद

वार्ड-16 के कायाकल्प के लिए सरकार ने 1.81 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया था। इस राशि से गलियों को पक्का करना, सीवर लाइन और पेयजल की पाइपलाइन बिछाने का काम तय था। 10 अप्रैल को केंद्रीय राज्यमंत्री द्वारा विधिवत उद्घाटन के बाद वर्क ऑर्डर जारी किए गए और निर्माण सामग्री भी साइट पर पहुँच गई थी। इसके बावजूद, ठेकेदार के हाथ पर हाथ धरे बैठने और अधिकारी के मूकदर्शक बने रहने से यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लटका रहा।

📉 मेयर की शिकायत पर हरकत में आए मुख्यमंत्री

फरीदाबाद के मेयर प्रवीण जोशी ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए पहले नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर नाराजगी जताई थी। जब स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो मेयर ने सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरी शिकायत दर्ज कराई। मुख्यमंत्री कार्यालय के सख्त रुख के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन के आदेश जारी किए।

⚖️ 7 दिन में मांगी गई चार्जशीट

शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने साफ कर दिया है कि जनहित के कार्यों में बरती गई किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निलंबित एक्सईएन के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। अब निगम आयुक्त को एक सप्ताह का समय दिया गया है ताकि वे विस्तृत रिपोर्ट और चार्जशीट विभाग को सौंप सकें।