Korba News: छत्तीसगढ़ पावर कंपनी के कर्मचारियों का आंदोलन; प्रमोशन में आरक्षण की मांग को लेकर किया धरना प्रदर्शन
कोरबा: छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संगठन ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को कोरबा स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पावर प्लांट के सामने संगठन के सदस्यों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने ‘मास सीएल’ (Mass CL) लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। संगठन का आरोप है कि राज्य सरकार और पावर कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं।
🚩 प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह विरोध केवल कोरबा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य भर में मौजूद पावर कंपनी के सभी दफ्तरों और प्लांटों में कर्मचारी लामबंद हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी 21 सूत्रीय मांगों पर जल्द ही विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में इसे एक बड़े और अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा।
⚖️ क्या है मुख्य विवाद और मांगें?
संगठन के सचिव देवी शंकर राय ने बताया कि विवाद की जड़ प्रमोशन में आरक्षण का पालन न करना है।
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हाई कोर्ट के आदेश की अनदेखी: 16 अप्रैल 2024 को हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि 3 महीने के भीतर प्रमोशन में आरक्षण के लिए नियम बनाकर डाटा प्रस्तुत करें, लेकिन शासन ने अब तक कोई पहल नहीं की है।
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गलत व्याख्या: संगठन का आरोप है कि पावर कंपनी ने हाई कोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या कर अपने स्तर पर सर्कुलर जारी किया है, जिसमें आरक्षण का प्रावधान नहीं रखा गया है।
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20 साल पुरानी पॉलिसी: कर्मचारियों का कहना है कि 2004 की ग्रेडेशन सूची को आधार मानकर प्रमोशन दिया जा रहा है, जो कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देशों का सीधा उल्लंघन है।
⚠️ भविष्य की रणनीति
कर्मचारियों का साफ कहना है कि उन्हें प्रमोशन में आरक्षण चाहिए जो कानूनी रूप से उनका अधिकार है। शासन की मौन धारण करने वाली नीति से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। संगठन ने मांग की है कि प्रशासन अविलंब वार्ता शुरू करे और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नई प्रमोशन पॉलिसी लागू करे।