ब्रेकिंग
Ludhiana Police Action: पुलिस ने दबोचा शातिर चोर; नशा छुड़ाओ केंद्र से बाहर आते ही फिर शुरू की आपराध... Chandigarh News: सेक्टर-42 गर्ल्स कॉलेज में वेतन न मिलने से कर्मचारी परेशान; 3 महीने से नहीं मिली सै... Ludhiana News: लव मैरिज के बाद बड़ा विवाद; पत्नी और ससुराल पक्ष पर लाखों के गहने चोरी करने का आरोप Chandigarh Infrastructure: रात में स्नैचिंग और लूट पर लगेगी लगाम; शहर के साइकिल ट्रैक्स पर होगी दूधि... Gold Price Jalandhar: जालंधर में सोना-चांदी हुआ सस्ता; जानें क्या है आज का नया रेट और मार्केट अपडेट Ludhiana News: मानवाधिकार कमीशन सख्त; सरकारी रिकॉर्ड में 'नशेड़ी' बताए जाने पर सिविल सर्जन तलब Sultanpur Lodhi News: भीषण गर्मी का असर; सुल्तानपुर लोधी में 3 दिन बंद रहेंगी सुनार की दुकानें Attack on BJP Leader Bathinda: सिविल डिफेंस चीफ वार्डन के घर फेंका पेट्रोल बम; सीसीटीवी खंगाल रही पु... Amritsar Encounter: अमृतसर में पुलिस और शूटरों के बीच मुठभेड़; विदेश से संचालित गैंग के 2 शूटर गिरफ्... Jalandhar News: जालंधर वासियों को बड़ी राहत; गुरु नानकपुरा और गढ़ा रेलवे फाटक पर बनेंगे ओवरब्रिज

India’s First Hydrogen Train: 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन; जींद-सोनीपत ट्रैक पर होगा फाइनल ट्रायल

जींद: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी परीक्षण (Technical Testing) के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली के शकूरबस्ती वर्कशॉप में सफल परीक्षण के बाद, अब इस ट्रेन को जींद रेलवे जंक्शन पर लाया गया है, जहाँ 24 जून को इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार पर दौड़ाकर परखा जाएगा। लखनऊ से आ रही RDSO की विशेषज्ञ टीम ट्रेन के लोड, स्पीड और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच करेगी।

💰 बजट और रूट की मुख्य विशेषताएं

करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ प्रोजेक्ट जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के सफर को आसान बनाएगा।

  • किराया: पूरे सफर का किराया मात्र 25 रुपये तय किया गया है।

  • स्टॉपेज: जींद जंक्शन, पांडू पिंडारा, भंभेवा, गोहाना जंक्शन, मोहाना और सोनीपत जंक्शन।

  • समय: जींद से सोनीपत तक का सफर अब मात्र एक घंटे में पूरा हो सकेगा।

🌿 हाइड्रोजन ट्रेन की बेमिसाल खासियतें

यह ट्रेन पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) है। इसके संचालन से किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा, उत्सर्जन के रूप में केवल पानी और भाप ही निकलेगी।

  • तकनीक: इसमें पारंपरिक इंजन के स्थान पर ‘हाइड्रोजन फ्यूल सैल’ का उपयोग किया गया है।

  • पावर बैकअप: हैवी ड्यूटी लिथियम-आयन बैटरी लगाई गई है, जो ट्रेन को अतिरिक्त पावर और बैकअप प्रदान करती है।

  • क्षमता: इस ट्रेन में एक बार में बड़ी संख्या में यात्रियों के सफर करने की सुविधा होगी।