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NEET UG 2026 Paper Leak: बिहार में सॉल्वर गैंग का बड़ा पर्दाफाश; 7 सॉल्वर और 14 बायोमेट्रिक कर्मियों समेत 24 गिरफ्तार

लखीसराय: बिहार में NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा के दौरान एक बड़े सॉल्वर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में 7 सॉल्वरों समेत कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह की साजिश इतनी गहरी थी कि इसमें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करने वाली कंपनी के 14 कर्मचारी भी शामिल पाए गए, जो अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बिठाने में मदद कर रहे थे।

🧠 मास्टरमाइंड अर्पित राज: फिर सुर्खियों में

जांच में इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड गया मेडिकल कॉलेज का छात्र ‘अर्पित राज’ निकला है। चौंकाने वाली बात यह है कि अर्पित का नाम 2024 के चर्चित NEET पेपर लीक मामले में भी आ चुका है, जिसमें सीबीआई ने उससे पूछताछ की थी। अब एक बार फिर उसके तार इस धांधली से जुड़ने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।

🛠️ ऐसे हुआ गिरोह का खुलासा

गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब पीएमसीएच के छात्र मयंक कश्यप ने बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी के रूप में परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश की। उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने उसे हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद उसने नेटवर्क का खुलासा किया, जिसके आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और अन्य सॉल्वरों को गिरफ्तार किया।

🎓 मेडिकल छात्रों की संलिप्तता: एक चिंताजनक पहलू

गिरफ्तार किए गए लोगों में विभिन्न प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों के छात्र शामिल हैं, जो मोटी रकम के लालच में इस अपराध का हिस्सा बने:

  • पूनम कुमारी (BHU नर्सिंग छात्रा)

  • सौरभ झा (रायबरेली AIIMS छात्र)

  • संजीत (NMCH पटना छात्र)

  • अमन अग्रवाल (उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉलेज छात्र)

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस धांधली के लिए प्रति अभ्यर्थी 30 लाख रुपये तक का सौदा तय किया गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित है या इसके तार अन्य राज्यों तक भी फैले हुए हैं।