ब्रेकिंग
Chhattisgarh Road Accident Update: भीषण सड़क हादसे के बाद एनएच पर लगे जाम के हालात, मृतकों की शिनाख्... Ramanujganj Idol Makers News: पुश्तैनी कारोबार से जुड़े मूर्तिकार रंजीत और दीपांकर बोले- लागत निकलना... Bhilai Steel Plant Iron Theft Case: बीएसपी लोहा चोरी मामले में सीबीआई की आधिकारिक एंट्री, दुर्ग-भिला... Korba Murder News: जमीन के बंटवारे के विवाद में भतीजे ने की 85 साल के चाचा की हत्या, मध्य प्रदेश के ... Solid Waste Rules Raipur News: अब चार श्रेणियों में अलग करना होगा कचरा, नियम तोड़ने पर लगेगा पर्यावर... CRPF 205 Cobra Battalion Jawan: बस्तर में नक्सल ऑपरेशन में दे चुके थे सेवाएं, इलाज के दौरान हुआ निधन... Pundag OP Incharge Bravery: पुंदाग थाना प्रभारी संजीव की सूझबूझ से बची युवक की जान, टावर पर चढ़ने से... Jharkhand Road Accident News: एफसीआई गोदाम के पास भारी वाहनों के आवागमन पर रोक की मांग, रातभर मचा रह... Jharkhand Education News: हिंदी साहित्य सम्मेलन मध्यमा प्रमाणपत्र विवाद पर हाईकोर्ट का निर्णय, 8 हफ्... Palamu Road Jam News: झारखंड आंदोलनकारियों ने सड़क पर लेटकर किया प्रदर्शन, पुलिस बल मौके पर मौजूद, ज...

Rajasthan Court Order: आगर-मालवा के दो थाना प्रभारियों समेत 90 पुलिसकर्मियों पर केस; कोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी

आगर-मालवा: कुछ महीने पहले जिसे आगर-मालवा पुलिस की एक बड़ी कामयाबी और अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ माना जा रहा था, वही कार्रवाई अब पुलिस के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। राजस्थान की चौमहला कोर्ट ने मामले में गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आगर-मालवा जिले के दो थाना प्रभारियों और उपनिरीक्षकों सहित करीब 90 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।

🔎 क्या है कार्रवाई की वैधता पर विवाद?

आरोपियों के परिजनों द्वारा कोर्ट में दी गई शिकायत के बाद मामले की जांच में कई चौकाने वाली खामियां सामने आईं:

  • प्रक्रिया का उल्लंघन: कार्रवाई के दौरान आवश्यक ‘आमद-रवानगी’ दर्ज नहीं थी और रोजनामचा रिकॉर्ड अपडेट नहीं था।

  • स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं: नियमों के विपरीत राजस्थान की स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।

  • वीडियो रिकॉर्डिंग का अभाव: एनडीपीएस एक्ट के तहत अनिवार्य वीडियोग्राफी नहीं की गई।

  • अजीबोगरीब दलील: पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचना न दे पाने का कारण ‘मोबाइल की बैटरी खत्म होना’ बताया, जिसे अदालत ने पूरी तरह संदेहास्पद माना।

👮 किन-किन पर दर्ज हुआ मामला?

अदालत के आदेश के बाद राजस्थान के डग थाने में आगर मालवा कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूपसिंह राजपूत, उपनिरीक्षक राखी गुर्जर, सहायक उपनिरीक्षक अजय जाट सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।

💊 5 करोड़ का ड्रग्स बरामदगी मामला

जनवरी 2026 में आगर-मालवा पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़ जिले में दबिश देकर करीब 5 करोड़ रुपए मूल्य की ड्रग्स, नशीले इंजेक्शन, केमिकल और निर्माण में प्रयुक्त मशीनें जब्त करने का दावा किया था। इस मामले को पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश बताया था, लेकिन अब यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही बड़े सवाल खड़े कर रहा है।