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Singrauli News: तीसरी संतान होना पड़ा भारी; सरकारी सेवा नियमों के उल्लंघन पर उप पंजीयक अशोक परिहार बर्खास्त

सिंगरौली: सरकारी सेवा नियमों का पालन न करना सिंगरौली जिला पंजीयन कार्यालय में पदस्थ उप पंजीयक अशोक परिहार को भारी पड़ गया है। उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्तगी का मुख्य कारण सेवा में रहते हुए तीसरी संतान का होना है। विभाग द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2003 में उनकी तीसरी संतान का जन्म हुआ था, जो तत्कालीन मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के विरुद्ध है।

🔍 क्या था पूरा मामला?

अशोक परिहार के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद कलेक्टर द्वारा एक समिति गठित कर मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में तीसरी संतान होने की पुष्टि होने पर महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय, भोपाल को प्रतिवेदन भेजा गया। विभाग ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। जिला पंजीयक अधिकारी अभिषेक सिंह ने पुष्टि की है कि यह आदेश भोपाल कार्यालय से प्राप्त हुआ है।

⚖️ तर्क और नियमों की अनदेखी

नोटिस के जवाब में अशोक परिहार ने तर्क दिया था कि उन्हें दो से अधिक संतान संबंधी नियमों की जानकारी नहीं थी और न ही विभाग ने उन्हें इस बारे में अवगत कराया था। हालांकि, विभाग ने उनके इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि परिहार वर्ष 1992 से नियमित शासकीय सेवा में थे, अतः यह दलील स्वीकार्य नहीं है कि उन्हें सेवा नियमों की जानकारी नहीं थी।

📜 क्या है सेवा नियम?

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 10 मार्च 2000 को जारी अधिसूचना के अनुसार, जिस व्यक्ति की दो से अधिक जीवित संतानें हैं और उनमें से किसी एक का भी जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ है, तो वह शासकीय सेवा के लिए पात्र नहीं माना जाता। वहीं, हाल ही में राज्य सरकार ने इस नियम को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की है, लेकिन पुरानी लंबित शिकायतों और नियमों के तहत हुई यह कार्रवाई विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है।

Third Child Sub Registrar Dismissed

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