Barkatullah University Protest: भोपाल के BU में 33 घंटे चला एबीवीपी का आंदोलन सफल; कुलपति प्रो. एसके जैन अनिवार्य अवकाश पर
भोपाल: राजधानी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) में पिछले 33 घंटों से जारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का उग्र प्रदर्शन शुक्रवार रात एक बड़ी जीत के साथ समाप्त हो गया। प्रशासनिक और अकादमिक अनियमितताओं से नाराज छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर रखा था। स्थिति को देखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और राज्य सरकार व राजभवन के बड़े फैसले की घोषणा की।
⚖️ छात्रों के प्रमुख मुद्दे और नाराजगी
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए थे। प्रदर्शनकारी छात्रों के मुख्य मुद्दों में शामिल थे:
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एमबीए और अन्य स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लंबित परिणाम।
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पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) में अत्यधिक देरी।
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अव्यवस्थापूर्ण अकादमिक कैलेंडर।
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पीएचडी प्रवेश परीक्षा और नर्सिंग कॉलेजों में रुकी हुई प्रवेश प्रक्रिया।
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शिक्षकों की भर्ती में पारदर्शिता का अभाव और छात्रावासों की बदहाल स्थिति।
🏛️ राजभवन का कड़ा रुख और नया नेतृत्व
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा हुई है। राजभवन ने सख्त कदम उठाते हुए कुलगुरु प्रो. एसके जैन को उनके शेष कार्यकाल के लिए अनिवार्य अवकाश (Compulsory Leave) पर भेज दिया है। अब प्रो. विवेक शर्मा को विश्वविद्यालय के कुलपति का नया प्रभार सौंपा गया है। एबीवीपी ने इसे सामान्य छात्रों के संघर्ष की जीत बताया है।
⚠️ अभी आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं
हालांकि धरना समाप्त हो गया है, लेकिन एबीवीपी के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि, “यह आंदोलन अभी थमा नहीं है। यदि वर्तमान कुलगुरु का विश्वविद्यालय के कार्यों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप दिखा, तो छात्र परिषद फिर से उग्र प्रदर्शन करेगी।”
🏰 नाम बदलने का प्रस्ताव
इस बीच, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की पहचान बदलने की भी तैयारी है। कार्यपरिषद की बैठक में विश्वविद्यालय का नाम बदलकर ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। राजा भोज के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक योगदान को सम्मान देने के लिए लिया गया यह निर्णय अब अंतिम अनुमोदन के लिए राज्य शासन के पास भेजा गया है।