विदिशा में बारिश का कहर: गांव में घुसा उफनता पानी, छतों पर फंसे 20 ग्रामीणों को बोट से निकाला सुरक्षित
विदिशा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में विगत 24 घंटों से जारी अनवरत एवं मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से जिले के तमाम नदी और नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जिससे कई निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है। विदिशा जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर करारीया थाना क्षेत्र अंतर्गत लश्करपुर मार्ग पर स्थित ग्राम बामनखेड़ा में अचानक जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश कर गया। जलभराव के कारण ग्रामीण चारों ओर से गहरे पानी से घिर गए।
🚤 जान बचाने छतों पर चढ़े ग्रामीण, पुलिस और होमगार्ड ने बोट के सहारे चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
गांव में बाढ़ के पानी में ग्रामीणों के घिरने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, होमगार्ड और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला।
उफनते पानी के बीच मोटर बोट और लाइफ जैकेट की मदद से रेस्क्यू दल बाढ़ में फंसे ग्रामीणों तक पहुंचा। जलभराव बढ़ने से भयभीत लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर खड़े नजर आए। रेस्क्यू टीम ने अत्यधिक सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित करीब 20 लोगों को एक-एक कर पानी से बाहर निकाला और सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया।
👶 बच्चों को गोद में उठाकर निकाला बाहर, ASP मोनिका तिवारी ने की सफल रेस्क्यू की पुष्टि
रेस्क्यू टीम के जांबाज सदस्यों ने छोटे बच्चों को अपनी गोद में उठाकर और महिलाओं को सहारा देकर बाढ़ की तेज धार से सुरक्षित निकाला।
मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मोनिका तिवारी ने बताया, “ग्राम बामनखेड़ा में तेज बारिश के कारण जलभराव होने से कुछ ग्रामीणों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर तत्काल पुलिस, स्थानीय प्रशासन और होमगार्ड की संयुक्त रेस्क्यू टीम को मौके पर रवाना किया गया। टीम ने त्वरित और सफल कार्रवाई करते हुए बाढ़ में फंसे सभी 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।”
📢 जिला प्रशासन ने पुलिस व राजस्व अमले को किया अलर्ट, नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की अपील
जिले में बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने राजस्व अमले के साथ-साथ सभी थाना प्रभारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्रीय पटवारियों एवं ग्राम सचिवों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी विषम स्थिति में तत्काल जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। साथ ही आम नागरिकों को उफनते नदी-नालों और रपटों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। संवेदनशील एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों में पुलिस एवं होमगार्ड की विशेष टीमों को मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है।