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Don 3 Controversy: रणवीर सिंह पर बैन के खिलाफ अदालत पहुंचे मशहूर प्रोड्यूसर टी.पी. अग्रवाल; FWICE के फैसले को दी चुनौती

लंबे समय से सुर्खियों में चल रहे ‘डॉन 3’ विवाद में अब एक नया और गंभीर कानूनी मोड़ आ गया है। फिल्म अभिनेता रणवीर सिंह और फिल्म के मेकर्स के बीच चल रहा गतिरोध अब बॉम्बे सिविल कोर्ट तक पहुंच गया है। मशहूर प्रोड्यूसर टी.पी. अग्रवाल ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा रणवीर सिंह पर लगाए गए कथित बैन के खिलाफ एक याचिका दायर की है।

📜 याचिका में प्रोड्यूसर का कड़ा रुख

टी.पी. अग्रवाल, जो खुद 17 वर्षों तक IMPPA (इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष रह चुके हैं, ने अपनी याचिका में फिल्म इंडस्ट्री की संस्थाओं द्वारा कलाकारों पर बैन लगाने या ‘नॉन-कॉपरेटिव’ आदेश जारी करने की प्रथा को चुनौती दी है। उन्होंने तर्क दिया है कि किसी भी ट्रेड बॉडी, एसोसिएशन या संस्था के पास किसी भी व्यक्ति को काम करने से रोकने या उसे बॉयकॉट करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

🛑 बैन कल्चर बनाम प्रोफेशनल इंडिपेंडेंस

याचिका में साफ तौर पर कहा गया है कि ऐसे निर्देश न केवल संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं, बल्कि ये कलाकारों की ‘प्रोफेशनल इंडिपेंडेंस’ (व्यावसायिक स्वतंत्रता) के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करते हैं। इस याचिका के बाद अदालत ने FWICE और IMPPA दोनों को नोटिस जारी किए हैं। प्रोड्यूसर का यह कदम फिल्म इंडस्ट्री में बरसों से चले आ रहे ‘बैन कल्चर’ पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

🎥 विवाद की जड़ और भविष्य की स्थिति

यह पूरा विवाद फरहान अख्तर की शिकायत के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद FWICE ने रणवीर सिंह को बैन करने का फरमान सुनाया था। अब टी.पी. अग्रवाल की इस पिटीशन ने पूरी इंडस्ट्री में बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई किसी ट्रेड यूनियन को किसी कलाकार का करियर तय करने का अधिकार है। सबकी निगाहें अब बॉम्बे सिविल कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं, जो इंडस्ट्री के भविष्य की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय टिप्पणी: कलाकारों और निर्माताओं के बीच विवाद होना सामान्य है, लेकिन ‘बैन’ की कार्रवाई किसी के भविष्य को प्रभावित करती है। क्या आपको लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री में किसी भी तरह के बैन लगाने के लिए एक स्वतंत्र सरकारी नियामक संस्था (Regulatory Body) का होना जरूरी है? अपने विचार नीचे साझा करें।