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Ahmedabad Anti-Encroachment Drive: अहमदाबाद में सड़क चौड़ीकरण के लिए चला प्रशासन का बुलडोजर; धार्मिक स्थलों और दुकानों को हटाया

गुजरात के अहमदाबाद जिले में राज्य राजमार्ग-17 (SH-17) के आधुनिकीकरण और चौड़ीकरण के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह सड़क अहमदाबाद को सुरेंद्रनगर के चोटिला से जोड़ती है और राजकोट तक की कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत सरकारी भूमि पर बनी कई धार्मिक और व्यावसायिक संरचनाओं को हटाया गया है।

🚧 परियोजना की रूपरेखा और कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, गंगासर झील के पास एसएच-17 की करीब 400 मीटर लंबी सड़क पट्टी पर दशकों से अतिक्रमण था। इस अभियान के दौरान तीन दरगाहों, छह दुकानों और एक कब्रिस्तान के एक हिस्से को हटाकर लगभग 4,000 वर्ग मीटर सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य दो लेन वाले हाईवे को चौड़ा कर आधुनिक स्वरूप देना है, जिसका उद्घाटन पिछले वर्ष मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था।

👮 सुरक्षा और शांतिपूर्ण समन्वय

इस अभियान को बिना किसी विवाद के पूरा करने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। 550 से अधिक पुलिसकर्मियों और एसआरपीएफ की दो कंपनियों की तैनाती के बीच यह कार्रवाई की गई। एसपी ओम प्रकाश जाट ने बताया कि प्रशासन ने पिछले दो महीनों से स्थानीय नेताओं, धार्मिक प्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ लगातार बैठकें कर उन्हें विश्वास में लिया था, जिसके परिणामस्वरूप यह पूरी कार्रवाई बिना किसी विरोध के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

🛣️ सुगम आवागमन का लक्ष्य

प्रशासन का मानना है कि इस अतिक्रमण के हटने से अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर और राजकोट के बीच यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार आएगा। आवागमन सुगम होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। यह परियोजना राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा सुधारने की प्राथमिकता का एक अहम हिस्सा है।

संपादकीय टिप्पणी: सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अतिक्रमण हटाना विकास की दृष्टि से आवश्यक है, लेकिन इसके लिए स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास बहाली (Trust Building) सबसे महत्वपूर्ण है। क्या आपको लगता है कि प्रशासन को भविष्य में ऐसी परियोजनाओं के लिए डिजिटल सर्वे का और अधिक व्यापक उपयोग करना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।