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Trump-Iran Deal: क्या खत्म होगा तनाव? परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप ने किए मसौदे में बदलाव, ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार

अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से चला आ रहा तनाव खत्म होने की दहलीज पर है। दोनों देशों के बीच युद्ध विराम के लिए चल रही बातचीत अब अंतिम चरण में है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तैयार मसौदे में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की मांग ने डील को थोड़ा और समय के लिए टाल दिया है। ट्रंप का मुख्य जोर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और संवर्धित यूरेनियम को पूरी तरह नियंत्रित करने पर है।

🏛️ व्हाइट हाउस की 2 घंटे लंबी सीक्रेट मीटिंग

शुक्रवार को व्हाइट हाउस के ‘सिचुएशन रूम’ में दो घंटे तक चली उच्च-स्तरीय बैठक के बाद भी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप केवल वही समझौता स्वीकार करेंगे जो अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करे और यह गारंटी दे कि ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं कर पाएगा। प्रस्तावित समझौते में 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है, जिसके दौरान प्रतिबंधों में ढील और परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर चर्चा होगी।

☢️ यूरेनियम भंडार और होर्मुज स्ट्रेट पर जोर

ट्रंप प्रशासन ने समझौते में तीन मुख्य बिंदुओं पर स्पष्टता मांगी है:

  1. परमाणु सामग्री का भविष्य: ईरान के मौजूदा संवर्धित यूरेनियम भंडार का निपटान कैसे और कब होगा, इसे स्पष्ट रूप से लिखने की मांग की गई है।

  2. यूरेनियम संवर्धन की सीमा: भविष्य में संवर्धन गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध।

  3. होर्मुज स्ट्रेट: दुनिया के तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित और निर्बाध रूप से दोबारा खोलने की शर्तें।

⏳ क्या है ईरान का रुख?

ईरान ने भी स्वीकार किया है कि समझौता करीब है, लेकिन अभी इसे ‘फाइनल’ नहीं माना जा सकता। वहीं, वाशिंगटन ने उन दावों को सिरे से खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि डील के बदले ईरान को विदेशों में जमा अरबों डॉलर की राशि वापस मिल सकती है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि डील होने की प्रबल संभावना है, लेकिन अंतिम दस्तावेज में ट्रंप की शर्तें शामिल होने के बाद ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। अब दुनिया की नजरें ईरान के अगले तीन दिनों में आने वाले जवाब पर टिकी हैं।

संपादकीय टिप्पणी: क्या अमेरिका और ईरान के बीच यह शांति समझौता वैश्विक तेल बाजार और मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में स्थिरता ला पाएगा? अपने विचार नीचे साझा करें।