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Rabri Devi House Vacate Notice: पटना में राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश; भड़कीं पूर्व सीएम, कहा- ‘दम है तो फोर्स भेजकर खाली कराओ’

बिहार की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित उनका सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला। इस नोटिस से भड़कीं राबड़ी देवी ने साफ कर दिया कि वह बंगला खाली नहीं करेंगी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “दम है तो फोर्स बुलाओ और खाली कराओ।” यह आवास अब वर्तमान मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है।

🏛️ आरजेडी की राजनीति का ‘केंद्र’ रहा है यह बंगला

10 सर्कुलर रोड का यह सरकारी बंगला दशकों से राबड़ी देवी का निवास रहा है। यह केवल एक घर नहीं, बल्कि आरजेडी की राजनीतिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र रहा है। पार्टी के तमाम बड़े फैसले और रणनीतिक बैठकें इसी बंगले की दीवारों के भीतर तय होती रही हैं। कार्यकर्ताओं और लालू परिवार के लिए इस जगह का भावनात्मक जुड़ाव आरजेडी की पहचान बन चुका है।

📍 कहां शिफ्ट होंगी राबड़ी देवी?

प्रशासनिक अधिकारियों ने राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास में स्थानांतरित होने का अनुरोध किया है। बिहार सरकार का तर्क है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से आवास आवंटन के नियमों के तहत की जा रही है और सभी जनप्रतिनिधियों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

🗣️ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर

आरजेडी ने इस नोटिस को पूरी तरह से ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया है। प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि यह निर्णय दिखाता है कि सत्ता के गलियारों में बीजेपी का प्रभाव कितना बढ़ गया है। वहीं, इससे पहले राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए इसे लालू प्रसाद यादव को अपमानित करने की कोशिश बताया था। दूसरी ओर, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और जनप्रतिनिधियों को नियमों का सम्मान करना चाहिए।

संपादकीय टिप्पणी: सरकारी आवास का आवंटन एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन राजनीति में इसे अक्सर व्यक्तिगत और राजनीतिक लड़ाई के रूप में देखा जाता है। क्या आपको लगता है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए आवास आवंटन के नियमों में लचीलापन होना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।