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Bhojshala Dhar News: मां वाग्देवी की प्रतिमा भारत लाने की मांग तेज; सनातन महासंघ के पदाधिकारियों ने भोजशाला पहुंचकर की पूजा

धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को सनातन महासंघ के संस्थापक गौतम खट्टर और अखिल भारतीय महिला मराठा महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वाति काशिद ने दर्शन किए। इस दौरान अतिथियों ने भोजशाला आंदोलन, सनातन संस्कृति और लंदन के संग्रहालय में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस भारत लाने के विषय पर अपने विचार साझा किए।

🙏 प्रतिमा को वापस लाने की अपील

गौतम खट्टर ने कहा कि इंदौर उच्च न्यायालय द्वारा केंद्र सरकार को मां वाग्देवी की प्रतिमा को भोजशाला में स्थापित करने के निर्देश अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की जाए। खट्टर ने कहा कि समाज के वर्षों के संघर्ष के बाद आज भोजशाला में नमाज के स्थान पर मां वाग्देवी की भक्ति और आरती हो रही है। उन्होंने भोजशाला के बाहर स्थित मंदिर को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित करने पर भी जोर दिया।

🚩 संगठित समाज ही सनातन धर्म की विजय का आधार

एडवोकेट स्वाति काशिद ने भोजशाला को मिली सफलता को सनातन धर्म की बड़ी जीत बताया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आज हिंदू समाज को अपने ही मंदिरों में पूजा के अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि देश भर में जहाँ भी प्राचीन मंदिरों के साक्ष्य हैं, वहाँ हिंदू समाज संगठित होकर अपने आराध्य देवों के अस्तित्व के प्रमाण प्रस्तुत करे और मंदिरों को उनके मूल स्वरूप में वापस लाने का प्रयास करे।

🤝 संघर्ष के साक्षी बने आगंतुक

भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने अतिथियों को भोजशाला परिसर का भ्रमण कराया और मां वाग्देवी ज्योति मंदिर में अखंड ज्योति के दर्शन करवाए। उन्होंने पूर्व सत्याग्रहियों के गौरवशाली इतिहास और संघर्ष की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान समिति के महामंत्री सुमित चौधरी, मीडिया प्रमुख मोहन राठौर सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस संघर्ष का इतिहास प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

संपादकीय टिप्पणी: भोजशाला का मुद्दा लंबे समय से धार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अस्मिता का केंद्र रहा है। इस विषय पर आपकी क्या राय है? आप नीचे टिप्पणी करके बता सकते हैं।