Rewari ACB Raid: रेवाड़ी में होमगार्ड कमांडेंट ₹50,000 की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार; ड्यूटी जॉइन कराने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की विजिलेंस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए होमगार्ड सेंटर के जिला कमांडेंट सुधीर कुमार को ₹50,000 की नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। वीरवार दोपहर बाद अचानक हुई इस ताबड़तोड़ छापेमारी की कार्रवाई के बाद पूरे होमगार्ड कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल बन गया। एसीबी की टीम ने भ्रष्ट अधिकारी के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली है और आरोपी के खिलाफ एंटी करप्शन एक्ट (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
💼 दोबारा ड्यूटी ज्वाइन कराने के नाम पर मांगी थी ₹1.5 लाख की रिश्वत: पीड़ित हवलदार को 10 महीने से बिना नोटिस घर बैठाया
स्थानीय पुलिस और एसीबी से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, नांगल उगरा गांव के रहने वाले सुरेश कुमार होमगार्ड विभाग में हवलदार के पद पर तैनात थे। पीड़ित का आरोप है कि कमांडेंट सुधीर कुमार ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए उसे बिना कोई लिखित नोटिस या कारण बताए पिछले करीब 10 महीने से जबरन घर पर बैठाया हुआ था (ड्यूटी से हटा रखा था)। सुरेश ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि जब उसने दोबारा ड्यूटी पर ज्वाइन कराने की मिन्नतें कीं, तो कमांडेंट ने इसके बदले उससे ₹1.5 लाख की भारी-भरकम रिश्वत की डिमांड की। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह मजबूरी में पहले ही ₹1 लाख की मोटी रकम आरोपी को दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद उसकी जॉइनिंग नहीं कराई जा रही थी और ₹50,000 की आखिरी किस्त के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
🕸️ एसीबी इंस्पेक्टर जयपाल की टीम ने बिछाया केमिकल पाउडर का जाल: पैसे पकड़ते ही लाल हो गए आरोपी कमांडेंट के हाथ
एसीबी इंस्पेक्टर जयपाल ने सफल ऑपरेशन की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए बताया कि, “हवलदार सुरेश की गुप्त शिकायत मिलने के बाद हमारी टीम ने पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को एसीबी टीम की निगरानी में विशेष केमिकल पाउडर लगे हुए ₹50,000 के नोट देकर आरोपी कमांडेंट के पास भेजा गया। वीरवार को जैसे ही आरोपी सुधीर कुमार ने अपने दफ्तर में रिश्वत के पैसे हाथ में लिए, पहले से मुस्तैद हमारी टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया।” रेड की इस त्वरित कार्रवाई के बाद आरोपी को तुरंत रेवाड़ी स्थित एसीबी कार्यालय लाया गया, जहां गवाहों के सामने हाथ धुलवाने की रासायनिक प्रक्रिया (फिनाफ्थलीन टेस्ट) पूरी की गई, जिसमें पानी का रंग लाल हो गया, जो घूस लेने का पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण है।
💰 एक और बेरोजगार युवक ने लगाए ₹5 लाख ठगने के गंभीर आरोप: नौकरी लगवाने के नाम पर दस्तावेज रख काटता रहा चक्कर
एसीबी इंस्पेक्टर के मुताबिक, कमांडेंट सुधीर कुमार की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला सामने आ गया। पीड़ित सुरेश के साथी और रणसी माजरी गांव के निवासी अर्जुन सिंह ने भी दफ्तर पहुंचकर कमांडेंट पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। अर्जुन सिंह का लिखित आरोप है कि होमगार्ड विभाग में स्थाई नौकरी लगवाने के नाम पर कमांडेंट सुधीर ने जनवरी महीने में उससे ₹5 लाख नगद ऐंठे थे। इतनी बड़ी रकम ऐंठने के बावजूद न तो उसकी नौकरी लगवाई गई और न ही उसके मूल दस्तावेज पूरे कराए गए। पीड़ित को लगातार दफ्तर के चक्कर कटवाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। एसीबी ने अर्जुन की इस नई शिकायत को भी मुख्य केस डायरी में शामिल कर जांच के दायरे को बढ़ा दिया है।
💥 विभाग के कर्मचारियों और दलालों में मचा भारी हड़कंप: भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त कार्रवाई रहेगी जारी
एंटी करप्शन ब्यूरो की इस अप्रत्याशित और बड़ी कार्रवाई के बाद रेवाड़ी के पूरे होमगार्ड विभाग सहित अन्य प्रशासनिक महकमों में हड़कंप मच गया है। कार्यालय के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच पूरे दिन इस घूसकांड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं। वहीं, छापेमारी करने आई एसीबी टीम के आला अधिकारियों का साफ कहना है कि मुख्यमंत्री के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी ऐसी ही सख्त और निष्पक्ष दंडात्मक कार्रवाई पूरी तरह जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।